फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान से जुड़े हैं गैंग के तार

Sun, 25 Mar 2018 01:34 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
ikra
विज्ञापन
बानखाना के एक घर से 11 महीने की मासूम इकरा के अपहरण की जांच में घटना के तार मानव तस्करी से जुड़ते जा रहे हैं। पिता अफरोज ने दोस्त की पत्नी की सूनी गोद भरने के लिए बच्ची देने की जो कहानी पुलिस को सुनाई, उसमें वह एक लाख रुपये में सौदा तय होने की बात छिपा गया। मामला खुल जाने की वजह से रुपयों का लेनदेन नहीं हो सका था। जब पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो सामने आया कि घटना के तार राजस्थान के एक व्यक्ति से जुड़े हैं। दरअसल, इस बच्ची को बरेली से राजस्थान भेजा जाना था, लेकिन पुलिस की सक्रियता से अफरोज और सरफराज उर्फ सिंटू को बच्ची को छोड़ना पड़ा। इस मामले की जांच एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण ने शुरू करा दी है। 
विज्ञापन

इकरा का अपहरण होने के छह घंटे के अंदर ही गुरुवार रात दो बजे पुलिस ने उसे शहदाना वली की मजार के पास एक बुजुर्ग से बरामद कराया था। बुजुर्ग ने बच्ची देने वाले का जो हुलिया के आधार पर पिता अफरोज को गिरफ्तार किया था। उसने अपने दोस्त सरफराज के नि:संतान होने के चलते अपनी बेटी इकरा को उसे गोद देने की बात कही थी। गुरुवार शाम करीब सात बजे अफरोज ने अपने दोस्त इमरान ब्रेड के साथ बाइक से बच्ची को सरफराज के पास पहुंचा दिया। उधर, अफरोज की बीवी मीना ने जब इकरा को गायब पाया तो पुलिस को बुला लिया। घबराकर सरफराज ने बच्ची अफरोज को लौटा दी थी। 

पुलिस सक्रिय न होती तो राजस्थान भेजी जाती मासूम 
बच्ची के गायब होने के बाद पुलिस को मोहल्ले के लोगों से कई इनपुट मिले थे। जिनकी जांच करने के बाद इमरान ब्रेड की भूमिका संदिग्ध मिली थी। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि अफरोज के साथ इमरान ब्रेड को भी जेल भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस अब इसकी जांच कर रही है कि अफरोज को इस बात की जानकारी थी या नहीं थी कि बच्ची को बाहर भेजा जाना है। 
विज्ञापन


बच्ची बरामद कराने के बाद भी जांच जारी रखी गई है। कुछ इनपुट मिले हैं, यह मामला सिर्फ बच्ची को दोस्त को गोद देने का नहीं था। जल्द कुछ और बातें सामने आएंगी।- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें