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क्राइम पेट्रोल देखकर हत्यारे बन गए हाई स्कूल के छात्र

Sun, 19 Mar 2017 01:14 AM IST
बरेली।  
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High school students became criminals by seeing crime patrol - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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सिजौलिया गांव की प्रधान मेहरुन्निशा के 14 साल के बेटे राशिद की हत्या की कहानी पुलिस ने शनिवार को मीडिया को सुनाई। फिल्मी सी लग रही इस कहानी के मुताबिक गांव के नवीं और दसवीं में पढ़ने वाले दो लड़कों ने टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल देखने के बाद कुछ दिन पहले इसकी योजना बनायी इसके लिए उन्होंने सात दिन पहले एक मोबाइल चुराया और जैसा सोचा था वैसा कर दिया। गांव में होली गीत समारोह के दौरान दोनों उसे बहाने से नहर की तरफ ले गए और मोबाइल गेम में उलझाकर अंगोछे से गला घोंटकर मार डाला। बाद में प्रधान पति मुख्तयार अहमद को फोन करके ढाई लाख की फिरौती मांगी थी। अब इस कहानी में न काली बुलेरो का जिक्र है और न किसी प्रेम कहानी का। एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी देहात यमुना प्रसाद ने पुलिस लाइंस में मामले का इस तरह खुलासा किया। उधर गांव के लोग और खुद प्रधान का परिवार इस खुलासे से संतुष्ट नहीं लग रहा है।
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सिजौलिया गांव में यह सनसनीखेज वारदात होली के अगले दिन 14 मार्च को हुई थी। पुलिस ने अपनी पड़ताल और पूछताछ के हवाले से जो कहानी बतायी उसके मुताबिक गांव में ही स्थित किराना  दुकान के मालिक के दसवीं में पढ़ने वाले बेटे ने नवीं में पढ़ने वाले दोस्त के साथ मिल कर पूरा साजिश रची।  तीनों पहले एक साथ पढ़े भी थे इसलिए शक की गुंजाइश भी नहीं थी। जब तीनों नहर पर पहुंचे तो उसे मोबाइल गेम में उलझा दिया। दोनों की योजना उसे कहीं छिपाने की थी लेकिन  सुरक्षित ठिकाना नहीं मिला तो उन्होंने उसकी हत्या कर दी। बाद में चुराए गए फोन से रईश के पिता को फोन पर फिरौती मांगी। सर्विलांस में फंस न जाएं इसलिए जिस मोबाइल से फोन किया उसे नदी में फेंक दिया।

क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई योजना
बकौल पुलिस दोनों ने पूछाताछ में बताया कि  क्राइम पेट्रोल पर उन्होंने एक एपीसोड देखा जिसमें अपहरणकर्ताओं ने एक बच्चे को अगवा करके उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के बाद बच्चे के पिता को फोन करके एक स्टेशन पर फिरौती मंगा ली और फरार हो गए। एपीसोड देखने के बाद दोनों ने योजना बनाई कि गांव की प्रधान मेहरुन्निशा के बेटे को अगवा किया जाएगा। ठीक उसी तरह उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। वह इतना जानते थे कि मोबाइल के इस्तेमाल से फंस सकते हैं इसलिए फेंक दिया था। 
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पुलिस के अनुसार 17 और 16 वर्षीय अपहर्ताओं ने बताया कि फिरौती का रुपया मिलने के बाद महंगे मोबाइल और बाइक खरीदना चाहते थे। अपहरण के बाद ढाई लाख को खर्च करने की योजना बनाते रहे। दोनों ने बताया कि अपहरण के वक्त ही सोचा था कि राशिद की हत्या करनी है।  दोनों ने बताया कि उन्हें भरोसा था कि प्रधान बिना राशिद को देखे फिरौती दे ही देंगे। 

नहीं मिला मोबाइल 
पुलिस ने सिघईया नदी में घंटों मोबाइल तलाशा, लेकिन सफलता नहीं मिली। बदमाशों ने पुलिस को बताया था कि फिरौती मांगने के बाद दोनों ने मोबाइल को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने आला कत्ल अंगौछा बरामद करा लिया है।  फिरौती मांगने के लिये दोनों को मोबाइल की तलाश थी, इसलिये खेत पर काम कर रहे रईश की पेड़ पर टंगी शर्ट की जेब से सात दिन पहले मोबाइल चुरा लिया था। 

इस तरह पकड़ में आए
 रईस का मोबाइल चुराने के बाद एक किशोर ने मोबाइल में अपना सिम कार्ड डाला था। उसके बाद मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया था। हत्या के बाद फिरौती मांगने के लिये मोबाइल को दोबारा खोला गया। जब पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मोबाइल की ईएमआई को रन किया तो सात दिन पहले मोबाइल पर एक नंबर चलने की पुष्टि हुई। यह नंबर अपहरणकर्ता किशोर का निकाला। पुलिस ने इसके बाद किशोर को उठा लिया, पूछताछ में उसने अपने साथी का नाम भी उगल दिया। इस तरह पूरे मामले का खुलासा हुआ। 

हत्या के बाद आ गए थे घर 
हत्या के बाद दोनों अपने घरों में लौट आए थे। दोनों राशिद के दफीने में शामिल हुये। पुलिस की पूरी गतिविधि पर नजर बनाये हुये थे। पीड़ित परिवार के घर जाकर माहौल का जायजा भी ले रहे थे। दोनों ने बताया कि वह भागे नहीं, क्योंकि इससे उनपर शक चला जाता। पुलिस को पहले रईस पर शक था। रईस ने अपने मोबाइल के चोरी होने की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज करवाई थी।  
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