बरेली। तेज रफ्तार कार से घायल जंक्शन रोड स्थित जनता गन हाउस के गन मैन हरीश पाल (50) की मंगलवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल का बिल एक लाख से अधिक होने पर परिवार वालों ने देने में असमर्थता जताई तो अस्पताल प्रशासन ने शव देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर अस्पताल में काफी देर हंगामा हुआ। मामला कोतवाली में शांत हुआ।
पुलिस के मुताबिक 21 जनवरी की रात एक्सीडेंट करने वाले चालक शराब के नशे में थे। उन्हाेंने अपनी होंडा सीवीआर कार से नेम प्लेट उतार ली थी। उस रात कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि गन हाउस का शटर तक टूट गया था और टेलीफोन का खंभा भी उखड़ गया। चार दिन तक हरीश पाल को टक्क र मारने वालों का नाम पता चला और न ही उनका निवास स्थान। कार चलाने वालों को पुलिस की मदद से पकड़ा गया तो उन्होंने हरीश पाल को रामपुर बाग स्थित धनवंतरि तोमर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत गंभीर हुई तो युवकों के परिजनों ने 25 की रात को राजेंद्रनगर स्थित केके अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार के लोगों ने बताया कि हरीश पाल की बेटी रितु और होने वाले दामाद से एक्सीडेंट करने वाले युवकों की ओर से रूपेश मलिक ही बात कर रहे थे। उन्होंने ने ही इलाज और बेटी की शादी का आश्वासन दिया था। लेकिन 26 जनवरी की रात डेढ़ बजे हरीश पाल की मौत के बाद उन्होंने कन्नी काट ली और अस्पताल का बिल 1 लाख 18 हजार रुपये देने से मना कर दिया। अस्पताल ने बिल न जमा करने पर शव देने से इंकार किया तो परिजनाें ने हंगामा किया। कुछ देर बाद अस्पताल प्रशासन ने बिना पैसे मांगे शव को ले जाने दिया।
- मां के बाद पिता का भी उठा बेटी के सिर से हाथ, अगले माह होनी थी शादी
-हरीश पाल की बेटी रितु (20) की शादी अगले माह बरेली के ही दीपक से होनी थी। दो माह पहले उसकी सगाई की गई थी। रितु जब छोटी थी तभी उसकी मां की मौत हो गई थी, अब पिता भी छोड़कर चले गए। अगले माह रितु की शादी होनी है। जहां उसके पिता के अंतिम संस्कार के लिए परिवार और मोहल्ले वालों ने चंदा किया, ऐसे में उनकी बेटी की शादी भी अब दिक्कत में आ गई है।
- रिपोर्ट में तो युवकों का नाम ही नहीं है
-हरीश पाल के परिवार वालों ने बताया कि एक दिन पहले पुलिस उन लोगों पर रिपोर्ट लिखवाने का दबाव बना रही थी। रितु और होने वाले दामाद दीपक से युवकों के खिलाफ नहीं बल्कि अज्ञात नाम से रिपोर्ट लिखवाई गई है। उसमें युवकाें का नाम नहीं है जबकि लगातार रितु की युवकों के परिवार वालों से बातचीत हो रही थी।