साथियों की पिटाई से घायल टैक्सी ड्राइवर दलवीर सिंह की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। उसे तीस जून को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। मौत पर घर वालों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस पर उसके साथियों की गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि मढ़ीनाथ चौकी इंचार्ज उमेश सिंह ने उनकी बात सुनने के बजाय थाने से भगा दिया था।
बदायूं के थाना इस्लामनगर के रजपुरा गांव के रहने वाले चंद्रपाल सिंह का 40 साल का बेटा दलवीर सिंह शांति बिहार, सुभाषनगर में अपने साले राकेश कुमार के साथ रहकर धीरज की इनोवा चलाता था। दलवीर की पत्नी दीपा ने आरोप लगाया कि धीरज उसके साथी हरीश और पवन हरियाणा से शराब की तस्करी करते हैं। उसके पति ने शराब की तस्करी में इनोवा चलाने से मना कर दिया था। आरोप है कि 30 जून को रात करीब साढ़े नौ बजे धीरज ने उसके पति को बदायूं रोड पर अंग्रेजी शराब की दुकान पर बुला लिया। उसे शराब पिलाई गई और तीनों ने बेरहमी से मारपीट कर दी। इस दौरान उसके पति की आंतें फट गईं। रात करीब 11.30 बजे मरणासन्न अवस्था में धीरज और उसके साथी दलवीर सिंह को घर के दरवाजे पर फेंक गए। दीपा के मुताबिक उसी दिन उसने पति को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर शनिवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन भी किया। बुधवार को दलवीर की मौत होने के बाद जिला अस्पताल में परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया। मढ़ीनाथ चौकी इंचार्ज पुलिस कर्मियों के साथ उन्हें समझाने की कोशिश करने लगे। इस पर दीपा और उसके घर वालों ने उन्हें घेरकर खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। दलवीर की बहन का कहना था कि ऑपरेशन के बाद पहली बार डॉक्टर दलवीर को देखने आए थे। उन्होंने मरीज को इंजेक्शन भी दिया।
सुधबुध खो बैठी दीपा
पति की मौत के बाद दीपा सुधबुध खो बैठी। परिवार वाले उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसका रोना-बिलखना बंद नहीं हो रहा था। वहां मौजूद हर व्यक्ति के आगे हाथ फैलाकर वह पांच रुपये मांग रही थी। उसका कहना था कि उसे आशीष के पापा को शरबत पिलाना है। उसका बेटा आशीष नौ साल का है। दलवीर की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
दलवीर की पिटाई के मामले में मुकदमा दर्ज है। आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। कई बार दबिश दी गई लेकिन कोई घर पर नहीं मिला है।
-सतीश यादव, थानाध्यक्ष, सुभाषनगर
आंत फटने की वजह से दलवीर सिंह को सेफ्टीसीनिया हो गया था। ऑपरेशन करने के बाद उसकी जान बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसके शरीर में जहर फैलता गया। इससे उसकी किडनी फेल हो जाने पर मौत हो गई।
-डॉ. एके गुप्ता, सर्जन, जिला अस्पताल