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फाइनेंस कंपनी के मैनेजर के घर चार लाख की लूट

Fri, 19 Feb 2016 01:52 AM IST
बरेली
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बरेली। शहर में बदमाश बेखौफ हो गए हैं। बुधवार देर रात कुछ बदमाशों ने फाइनेंस कंपनी के एक मैनेजर के घर में जमकर लूटपाट की। बाग वृगटान निवासी प्रभाकर मिश्रा के घर में घुसे बदमाशों ने चाकू से जान से मारने की धमकी देकर मैनेजर की पत्नी और बच्चों को बंधक बना लिया और तकरीबन चार लाख की लूटपाट करने के बाद फरार हो गए। पुलिस ने लूट की धाराओं में मुकदमा लिखकर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।  
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आधार हाउसिंग फाइनेंस कंपनी रुद्रपुर (उत्तराखंड) शाखा के मैनेजर प्रभाकर मिश्रा कोतवाली इलाके के मोहल्ला बाग वृगटान में रहते हैं। उनके पिता राज किशोर मिश्रा बैंक ऑफ बड़ौदा के रिटायर कर्मचारी हैं। बुधवार को प्रभाकर मिश्रा रुद्रपुर में थे। उनके पिता भी बेटे से मिलने के लिए वहां चले गए। देर होने की वजह से वह घर नहीं लौट पाए। घर में प्रभाकर मिश्रा की पत्नी गरिमा मिश्रा उनका साढ़े तीन साल बेटा रक्ष और दो साल का दक्ष रह गए। बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर आने वाली टीचर के चले जाने के बाद बुधवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे गरिमा ने ड्राइंग रूम का दरवाजा बंद कर लिया था। रात करीब एक बजे गरिमा को कुछ आहट होने पर जब कहा कि कौन है तो तीन बदमाश उनके पास आ गए। उनमें से एक ने उन्हें चाकू से जान से मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया। बदमाशों का कहना था शोर मचाने पर वह आरोपी को जान से मार डालेंगे। एक बदमाश गरिमा और उनके बच्चों के पास खड़ा रहा। इस दौरान उसके साथियों ने अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे डेढ़ लाख रुपये की नकदी और ढाई लाख रुपये का सोने-चांदी का जेवर समेट ले गए। विरोध करने पर बदमाशों ने गरिमा के साथ मारपीट भी की। गरिमा के घुटने में चोट लगी है। लूटपाट के बाद बदमाश ड्राइंग रूम के रास्ते से ही फरार हो गए। गरिमा की सूचना पर पति प्रभाकर मिश्रा और उनके पिता घर बृहस्पतिवार की सुबह 6.30 बजे घर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। फील्ड यूनिट की टीम भी मामले की छानबीन करने पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि मैनेजर के घर हुई लूटपाट के मामले में मुकदमा लिखकर बदमाशों की तलाश की जा रही है। कुछ संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी निकलवाकर देखी जा रही है। बदमाशों में कोई आसपास का व्यक्ति शामिल है, उसके बारे में पता कराने की कोशिश की जा रही है।    

यह सवाल भी तो हैं
0-फील्ड यूनिट की रिपोर्ट के मुताबिक बदमाशों के निकलने की बात तो ड्राइंग रूम से कही जा रही है, लेकिन उनके एंट्री प्वाइंट का अभी तक पता नहीं लग पाया है। घर से सारे दरवाजे बंद थे तो बदमाश आए कहां से थे।
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0-गरिमा का कहना है कि बदमाशों ने घर में घुसकर लाइट बंद कर दी थी। उन्होंने एक बैट्री की रोशनी में अलमारी के ताले तोड़े हैं। बदमाशों को जब मालूम था कि घर में गरिमा और बच्चों के सिवा कोई नहीं है तो नकाब बांधकर उन्हें लाइट बुझाने की क्या जरूरत थी। वह लाइट जलाकर भी तो घटना को अंजाम दे सकते थे।
 0-अलमारी की जांच पड़ताल के बाद फील्ड यूनिट का कहना है कि बैडरूम की अलमारी का लॉकर का पेच अंदर से खुला है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि लॉकर को खोलकर उसके लॉक पर लगे कवच को पेंचकस से खोल दिया हो। पुलिस ने मौके से एक पेंचकस बरामद भी किया है।
0-गरिमा मिश्रा ने बदमाश तो तीन देख लिए, लूटपाट की बात भी बता रही हैं। उनका कहना है कि बदमाशों ने उन्हें चाकू के बल पर बंधक बना रखा था। ऐसे में वह यह क्यों नहीं बता पा रही हैं कि बदमाश नकाबपोश थे यह मुंह खोलकर आए थे।
0-लूटपाट की कहानी यह बता रही है कि घटना को अंजाम देने वालों में मैनेजर का कोई न करीबी शामिल हैं। या उनमें से कोई युवक हैं जो उनके घर के आसपास जुआ खेलते रहते हैं। गरिमा भी उसे पहचानी होंगी। इसलिए आते ही उन्होंने घर की लाइट बुझा दी। पुलिस जुआ खेलने वाले लड़कों को भी तो उठाकर पूछताछ करे।
0-बदमाश रात आठ बजे ही मैनेजर के छिपकर बैठ जाते तो पता लग सकता था, क्योंकि उनका घर इतना बड़ा नहीं कि उसमें कोई आसानी से छिप सकता है। गरिमा जिस तरह से यह बता रही थीं कि बदमाश सीढ़ी पास वाली जगह से छिप सकते हैं। पहली बात तो उसमें सामान रखा है। दूसरी यदि छिप भी गए थे तो वहां जाल कैसे लगा रह गया। आने वाला कहीं तो मूवमेंट करेगा। 
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