रामपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार रात करीब दो बजे नरायन नगला गांव के एक युवक को गिरफ्तार कर कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। गिरोह के सदस्य तो भूमिगत हो गए, लेकिन पकडे़ गए युवक की निशानदेही पर दिलशाद नाम के मिस्त्री की गैराज से चोरी की पांच कारें बरामद कर ली गईं। दो कारों को ट्रक में लोड कराकर टीम रामपुर ले चली गई, बाकी तीन कारों सहित गैराज को सील कर दिया गया है।
रामपुर क्राइम ब्रांच की टीम नरायन नगला गांव में कई दिनों से डेरा डाले हुए थी। मुखबिर ने सटीक सूचना दी थी कि कार चोर गैंग में शामिल दिनेश गांव पहुंचने वाला है। सिविल ड्रेस में मौजूूद क्राइम ब्रांच की टीम ने दिनेश को घर में घुसते ही गिरफ्तार कर लिया और थाने लेकर आई। सख्ती से पूछताछ की तो उसने दिलशाद निवासी नैहसिया व इरशाद निवासी इस्लामनगर के नाम बताए। पुलिस ने दोनों को पकड़ने को दबिश दी, लेकिन वे भूमिगत हो गए। दिनेश की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच की टीम ने बाईपास रोड स्थित बिलाल मस्जिद के पास दिलशाद के गैराज से पांच चोरी की कारें बरामद कर लीं। उधर, क्राइम ब्रांच की टीम की इस सफलता के बाद से बहेड़ी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक पकड़ रखता है दिलशाद
बताया जाता है कि सूबे में सरकार किसी की भी हो, दिलशाद अच्छी राजनीतिक पकड़ रखता है। उसके गैराज में छापा मार कार्रवाई करने वाली टीम को वहां जाने से रोकने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन टीम दबाव में नहीं आई और छापा मारने के बाद का चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
कारों को काटकर पुर्जे बेच देते थे
दिनेश ने बताया कि उनका गिरोह चोरी की कारों को दिलशाद के गैराज में लाकर खड़ा कर देता था। कार मेकेनिक दिलशाद चोरी की गाड़ियो की नंबर प्लेट निकालकर लावारिस छोड़ देता था। धूल-मिट्टी जमने के बाद वह कारों को काट देता था और उनके पुर्जे निकालकर बेच देता था। उनका नेटवर्क यूपी से लेकर उत्तराखंड तक फैला हुआ है।
कई कबाड़ी भी हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक, बाईपास रोड पर लाइन से कबाड़ की कई दुकानें खुली हुई हैं। यहां चोरी की गाड़ियों के पुर्जे बेचने का काम लंबे समय से चल रहा है। यहां से पुलिस ने चोरी की बस और ट्रक बरामद किया था, लेकिन कुछ समय से पुलिस ने इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। कुुछ लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ही इनको पनाह दे रही है।