नवादा शेखान के एक घर में शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से जलकर एक महिला की मौत हो गई। आग से कमरे में रखा काफी सामान भी जल गया। जलकर मरीं महिला का पति सऊदी अरब में नौकरी करता है। आसपास के लोगों का कहना है कि महिला ने घरेलू कलह में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाई है। क्योंकि जिस कमरे में महिला जली, वहां मिट्टी के तेल की महक आ रही है।
बारादरी इलाके के मोहल्ला नवादा शेखान में रहमत स्कूल के निकट दो कमरों के मकान में इम्त्यिाज हुसैन अपनी पत्नी तलक जहां, बेटा आजम हुसैन (17), अलीशान (15), बेटी अलशिमा (18) और अलसिफा (16) के साथ रहते हैं। इम्तियाज के परिवार के ही साथ उनके छोटे भाई असलम की पत्नी हुमा रहती है। असलम सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। शुक्रवार रात परिवार के सदस्य घर के आंगन में सोए थे। शनिवार सुबह 6.30 बजे इम्त्यिाज हुसैन पड़ोस में ही अपनी दुकान खोलने के लिए घर से बाहर चले गए। बाकी सदस्य सो रहे थे। करीब 7.30 बजे कमरे से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। अचानक आंख खुलने पर इम्तियाज के बेटे आजम ने आग में अपनी चाची हुमा को जलते हुए देखा तो शोर मचाया। जिससे परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। आजम कमरे की खिड़की तोड़कर चाची को बचाने के लिए कमरे के अंदर पहुंचा। आग लगने का शोर सुनकर मोहल्ले वाले अपने घरों से बाल्टियों में पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश में लग गए। आग लगने की जानकारी पर इम्त्यिाज हुसैन भी घर की ओर दौड़ पड़े। जलती हुमा को कपड़े में लपेटकर उसके शरीर पर लगी आग बुझाई गई, लेकिन उसका शरीर 95 प्रतिशत से अधिक जल चुका था। घरवाले उसे अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने हुमा को शत प्रतिशत जला बताकर इलाज शुरू किया। दो घंटे बाद अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। हुमा अपने पीछे डेढ़ साल की बेटी छोड़ गई है।
घरवालों ने कहा, शार्टसर्किट से लगी आग
महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है और परिवार वालों ने जिस तरह उसे छुपाने की कोशिश की। उससे पक्के मकान में अचानक आग लगने की घटना संदिग्ध लग रही है। इम्त्यिाज हुसैन का पूरा मकान पक्का है। पहले परिवार वाले शार्ट सर्किट से आग लगना बता रहे थे। इम्त्यिाज की बेटी अलशिमा का कहना था कि हुमा कमरे में फ्रीज का प्लग लगाने गई। अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। हालांकि जिस कमरे में हुमा जली, उसमें से मिट्टी के तेल की बदबू आ रही थी। जेठ इम्त्यिाज हुसैन ने फ्रिज में मिट्टी का तेल होने की बात स्वीकार की। हुमा के शौहर से मौत से पहले तक आग लगने की बात छुपाकर रखी गई। इससे भी घटना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात ये कि हुमा और उसके भतीजे को छोड़कर परिवार के बाकी सदस्य आग से साफ बच गए। मोहल्ले वालों की मानें तो हुमा की जान घरेलू झगड़े की वजह से गई है। पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव पुलिस ने घरवालों को सौंप दिया।
डेढ़ घंटे बाद पहुंची फायरब्रिगेड
आग लगने के दौरान सुबह 7.30 बजे फायर स्टेशन को सूचना दी गई, लेकिन फायरब्रिगेड नौ बजे के बाद मौके पर पहुंची। तब तक मोहल्ले वाले बाल्टियों में घरों से पानी लाकर आग बुझा चुके थे। जबकि फायर स्टेशन से नवादा शेखान की दूरी दो किलोमीटर से भी कम है। इससे पहले सैदपुर हाकिंस में भी जब घर में आग लगी थी तो फायरब्रिगेड तीन घंटे बाद पहुंची थी।
घरेलू सामान जलकर राख
आग लगने से इम्त्यिाज के घर में रखा घरेलू सामान डबल बेड, फ्रीज, अलमारी, बर्तन, कपड़े, किताबें, शैक्षिक प्रमाण पत्र, टीन के बक्से, वाशिंग मशीन, मोबाइल, टीवी, सोफासेट, मोबाइल आदि सामान जल गया। जलते दो गैस सिलेंडरों को घर से बाहर फेंका गया। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।