न्योधना निवासी उमेश चंद्र की पत्नी मीना कुमारी की रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सोमवार को गांव के पास ही उसकी अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान देवरनिया क्षेत्र के गांव बसुधरन जागीर से मीना के पिता बेचेलाल भी परिवार के लोगों के साथ पहुंच गए थे। भोजीपुरा थाने में दामाद उमेश, उसके कुनबे के भाई पप्पू और छोटेलाल के खिलाफ बेचेलाल ने तहरीर दी है कि 14 फरवरी को उमेश उनके घर से मीना को विदा कराकर लाया था। इससे पहले मीना ने बताया था कि वह पांच महीने के गर्भ से है। ससुराल वाले उस पर गर्भपात कराने को दबाव डाल रहे हैं। तब उन्होंने उमेश को समझा दिया था। 15 फरवरी की रात उन्हें सूचना मिली कि बेटी को जहर देकर मार दिया गया है। सोलह की सुबह वे गांव पहुंचे तो उन लोगों को बंधक बनाकर शव की अंत्येष्टि कर दी गई।
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद सीओ नवाबगंज नरेश कुमार, ट्रेनी सीओ दिनेश शुक्ला, एसओ सत्येंद्र यादव मौके पर पहुंचे तो आरोपी घर में ताले लगाकर फरार हो गए। अंत्येष्टि वाले स्थान से अधिकारी हड्डियां और राख उठा लाए। सीओ ने बताया कि इन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजकर जांच कराई जाएगी कि यह मीना की ही हैं। मीना अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गई है। गांव में चर्चा थी कि उमेश ने अल्ट्रासाउंड कराकर जान लिया था कि मीना के गर्भ में बेटी पल रही है। उसने किसी निजी अस्पताल में जबरन मीना का गर्भपात कराया। इसके बाद ब्लीडिंग न रुकने से मीना की मौत हुई है। हालांकि मायके वालों ने इस तरह की स्थिति का जिक्र नहीं किया।