आंवला/ बरेली। बदायूं-आंवला मार्ग पर रात 8.30 बजे अज्ञात वाहन ने कांवड़िये को टक्कर मार दी। हादसे में कांवड़िये की मौत हो गई। इससे गुस्साए कांवड़ियों और प्रधान समेत सैकड़ों लोगों ने बदायूं मार्ग पर जाम लगा दिया। तीन घंटे तक जाम लगा रहा। सूचना मिलने के बाद एसडीएम, एसपी देहात और सीओ मौके पर पहुंचे। गरीब कांवड़िये के परिवार को जमीन का पट्टा देने के आश्वासन पर कांवड़िये जाम खोलने पर राजी हुए।
आंवला के गांव टिकुरी से 60 कांवड़ियों का जत्था बदायूं के कछला घाट से गंगाजल लेकर शहर आ रहा था। कांवड़ियों का जत्था आगे चल रहा था। इसी बीच इसी गांव का कांवड़िया भूरे (25) जत्थे के काफी पीछे रह गया। उसे सड़क पर गुजरने वाले किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए कांवड़ियों ने बदायूं मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते ये जाम चार किलोमीटर तक हो गया। खबर मिलने पर टिकुरी गांव के प्रधान गजेंद्र सिंह सैकड़ों गांव वालों के साथ बदायूं मार्ग पर पहुंच गए और कांवड़िये की मौत पर गुस्सा जताया। ग्रामीण भी कांवड़ियों के साथ जाम में शामिल हो गए। कांवड़िये की मौत की सूचना पर प्रशासन के हाथ पांव फूल हो गए। एसपी देहात यमुना प्रसाद, एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। कांवड़ियों ने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इस पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। कांवड़िये फिर भी जाम खोलने को तैयार नहीं हुए तो एसडीएम ने कांवडिये के परिवार को ग्राम समाज की जमीन से पट्टा देने का आश्वासन दिया। तब कांवड़िये माने। 11 बजे के बाद जाम खुला।
मजदूरी करता था कांवड़िया
अज्ञात वाहन की टक्कर से असमय जान गवांने वाला कांवड़िया भूरे का परिवार बेहद गरीब परिवार से है। न उसके पास जमीन है और न ही मकान। किसी तरह मजदूरी करके वह परिवार का भरण पोषण करता था। परिवार में कांवड़िये की मां, पत्नी और बेटी है। घर के मुखिया की मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है। युवक की मौत की खबर पाकर उसके घर में कोहराम मच गया है।