प्रदेश में अवैध खनन के आरोप में मंत्री गायत्री प्रजापति को तो बर्खास्त कर दिया लेकिन यहां खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसलिए सब कुछ खुलकर हो रहा है। जिसका प्रमाण सेटेलाइट बस अड्डे, किला, बदायूं रोड, बीसपुर चौराहा के पास सुबह के वक्त बालू से भरे खड़े वाहन हैं। इनको देखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां बेधड़क निकल जाती हैं। उनसे कोई यह तक नहीं पूछता है कि ये बालू कहां से आई। इस अवैध खनन के कारण हर महीने कई करोड़ की रायल्टी का सरकार को चूना लग रहा है। नदियों का बेतरतीब कटान, प्रदूषम जैसी समस्याएं बढ़ रहीं हैं। जिले की रामगंगा, भाखड़ा, बहुगुल सहित कई नदियों से बालू का खनन कराके बिकवाने में यहां राज नेताओं कासंरक्षण हैं।
केस 1
प्रगट सिंह की 12 एकड़ जमीन नदी में समा गई
तहसील बहेड़ी के गुलड़िया भवानी निवासी प्रगट सिंह की 12 एकड़ जमीन खनन माफिया के कारण नदी में समा गई है। एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत करने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली है। इनका आरोप है कि नदी किनारे गाटा संख्या 771 की 12 एकड़ जमीन के पास खलील आदि ने जेसीबी से बालू का खनन किया है। जिसके कारण नदी के जल के कटान के कारण खेत में पानी भर गया है। एसडीएम ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए टांडा ठंगा चौकी प्रभारी को खनन रोकने के आदेश किए थे। लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की। कमिश्नर से शिकायत की तो इस प्रकरण में उन्होेंने डीएम से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
केस 2
गूला गांव में बालू का खनन
मीरगंज के गूला गांव के निकट भाखड़ा नदी किनारे डंफर और जेसीबी से बालू का खनन हो रहा है। रोजाना 10 से 20 बड़े वाहनों में बालू का खनन करके बेच रहे हैं। यहां से बालू खनन की शिकायतें प्रशासनिक अधिकारियों से की गईं हैं। स्थानीय स्तर पर एडीएम फाइनेंस ने इन शिकायतों पर खनन अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
खनन जारी, सुनवाई नहीं
केस - 3
- फरीदपुर के राजकीय डिग्री कालेज में खनन काफी समय से चल रहा है । जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। जबकि रात के समय जेसीबी से खुदाई करके वाहनों से ढोया जा रहा है।
कालेज के पूर्व प्राचार्य धीरेन्द्र कुमार ने प्रयास भी किये। उन्होंने फरीदपुर एसडीएम सीओ को लिखित जानकारी दी और खनन बंद करवाने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
अवैध खनन से रास्ता खराब हुआ
केस 4
हाफिजगंज के सभापुर व नरहरपुर में वहगुल नदी से रात के समय बालू का अवैध खनन होता है । अवैध खनन के कारण रास्ता खराब भी हो गया है। अफसरों से शिकायतें की गईं लेकिन सुनवाई नहीं हुई है।
तीन साल पहले यहां के थे पट्टे
किच्छा नदी के ट्यूला, ट्यूली के चार स्थानों पर बालू खनन के पट्टे। इसके अलावा लोधीपुर, रतनपुर, नों डांडी, बजरिया, कुंडरा एतमाली तथा अंजली एतमाली में भी खनन के पट्टे थे। इन पट्टों को हाईकोर्ट के आदेश पर निरस्त कर दिया है। अब भी इन स्थानों अवैध खनन किया जा रहा है।
इन स्थानों से खनन की ई: टेंडरिंग निरस्त
बहेड़ी में दो तथा फरीदपुर व सदर में एक -एक स्थान पर बालू खनन की ई टेंडरिंग की व्यवस्था हाईकोर्ट ने कराई थी। जिसे पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के आदेश पर निरस्त कर दिया