गुंडागर्दी और खनन के लिए कुख्यात सीबीगंज का गांव सराय तल्फी ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच एक महीने में पांचवीं वार छिड़ी जंग से चर्चा में आ गया है। शुक्रवार सुबह ग्राम प्रधान का बेटा अपने गुट के साथ पूर्व प्रधान समर्थित दो युवकों के घर में घुसा और जान लेने के इरादे से गोलीबारी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोली लगने से घायल युवकों को जिला अस्पताल पहुंचा। इसके बाद दोनों गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। जिससे प्रधान गुट की एक महिला और युवक को छर्रे लग गए। थाना में दो घायलों की ओर से वर्तमान प्रधान पर, जबकि प्रधान गुट की तरफ से घायल ने पूर्व प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पुलिस के मुताबिक, गांव की प्रधान और पिता स्वर्गीय सुभाष यादव के बेटे अक्षत की पूर्व प्रधान रामपाल यादव से रंजिश है। बृजेश और सूरजपाल उर्फ अन्ने गांव में ही रहते हैं और दोनों पूर्व प्रधान रामपाल के गुट के हैं। जिला अस्पताल में भर्ती बृजेश ने बताया कि वह सुबह अपने घर में भैंस का दूध दूह रहा था, तभी अचानक आरोपी अक्षत अपने साथी दुर्वेश, हिस्ट्रीशीटर भारत सिंह, मचल सिंह, कल्लू, जसवीर, अक्षत, श्याम सिंह के साथ घर में घुस गए। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। घायल का कहना है कि दुर्वेश ने उसके सीने पर गोली मारी और जब तक कोई कुछ समझ पाता आरोपी भाग गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बृजेश को जिला अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे सभी आरोपी युवक बृजेश के पड़ोस में रहने वाले सूरजपाल उर्फ अन्ने के घर में घुस गए। प्रत्यक्षदर्शी अन्ने के भाई बाबू ने बताया कि जसवीर ने उसके भाई के पैर में गोली मारी और सभी भाग गए। घटना से सन्न परिवार वाले अन्ने को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इस घटना के बाद दोपहर में पूर्व प्रधान राजपाल और प्रधान के बेटे अक्षत के गुटों में फायरिंग हुई। फायरिंग में अक्षत के गुट के पिंटू और सुनीता के छर्रे लग गए, उनका मेडिकल कराया गया। पिंटू ने रामपाल, रमेश, अजय और चमन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले शुक्रवार की शाम को बृजेश के चाचा विनोद को अक्षत ने अपने साथियों संग पीट दिया था, वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
अवैध खनन से कमाई के लिए वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं दोनों गुट
पुलिस मानती है कि दोनों यादव गुटों के बीच असल लड़ाई वर्चस्व की है। जिसकी इलाके में जितनी धाक होगी, उसे अवैध खनन से कमाई करने के उतने अवसर मिलेंगे। रामगंगा किनारे के इस गांव से होकर अवैध खनन वाली जितनी गाड़ियां जाती हैं, उस रुपए के बंटवारे को लेकर भी दोनों गुट कई बार आपनेसामने आए हैं।