इज्जतनगर मंडल स्थित रेलवे अस्पताल के डॉ.ज्ञान को रेलवे बोर्ड ने बर्खास्त कर दिया है। उन्हें दस साल पहले बनारस में तैनाती के दौरान विजीलेंस टीम ने दस हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। इसी की जांच पड़ताल के बाद रेलवे बोर्ड ने यह कार्रवाई की है, इसको लेकर खलबली मची हुई है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल स्थित रेलवे अस्पताल में डॉ.ज्ञान जनरल डॉक्टर थे। डॉ.ज्ञान बिहार के पटना के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2007 में बनारस से स्थानांतरित होकर यहां आए थे। सूत्रों के मुताबिक वहां दस साल पहले उन्हें विजिलेंस टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। बनारस में उनके पास डीजल लोको मोटिव वर्क का चार्ज था और साफ सफाई के ठेके में ही रिश्वत का मामला उजागर हुआ था। वहां हेल्थ इंस्पेक्टर से उनकी अनबन हुई थी, इसी को लेकर विजिलेंस से पकड़वा दिया गया था। तभी रेलवे बोर्ड ने उनका तबादला बरेली के इज्जतनगर रेलवे अस्पताल कर दिया था। इसके बाद उनकी जांच चल रही थी। जांच के बाद रेलवे बोर्ड ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। उन्नीस अप्रैल को रेलवे बोर्ड का आदेश भी इज्जतनगर मंडल चिकित्सालय के सीएमएस के पास आ गया।
डॉ.ज्ञान वर्ष 2007 में बनारस से ट्रांसफर पर इज्जतनगर आए थे। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही थी। उनकी बर्खास्तगी का आदेश उन्नीस अप्रैल को प्राप्त होने के बाद उनका सीयूजी नंबर आदि जब्त कर लिया गया है।
डॉ.अरुण कुमार खन्नू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रेलवे अस्पताल इज्जतनगर