शाही। स्टेट बैंक आफ इंडिया की स्थानीय शाखा में मंगलवार रात जीने का लोहे का ग्रिल काटकर अंदर घुसे शातिर ने चैनल का ताला तोड़कर स्ट्रांग रूम में घुसने की कोशिश की पर सफल न हो सका। हताशा में कैशियर की रेक फेंककर मार्कर से कस्बे के तीन लोगों के नाम और कुछ फिल्मी डायलॉग लिख दिए गए। कैशियर की तहरीर पर पुलिस ने बैंक में चोरी की कोशिश की एफआईआर दर्ज कर ली है।
एसबीआई शाखा में बुधवार सुबह लगभग पौने दस बजे कैशियर सुंदर सिंह पहुंचे तो जीने के लोहे का ग्रिल कटा हुआ था। कैशियर काउंटर की रेक जमीन पर गिरी हुई मिली तो सामान तितर-बितर पड़ा था। कैशियर ने सूचना देकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने देखा कि बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार टूटे पड़े थे। स्ट्रांग रूम के लोहे के ग्रिल के ताले तोड़ने की भी कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। लोहे का हथौड़ा, नायलान की रस्सी, पेंचकस, सरिया आदि सामान बैंक में ही छोड़ दिए गए थे। खास बात यह कि बैंक की दीवार पर काले मार्कर से शाही और उस्मान, शाहील व नाजिम के नाम लिखे हुए थे। यह भी लिखा है कि खाली हाथ जा रहा हूं, एक रुपया की भी चोरी नहीं की है। डॉन कभी रॉग नहीं होता है जैसा फिल्मी डायलॉग भी टूटी-फूटी भाषा में लिखा गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। एसआई शिवप्रकाश शुक्ला ने मौका मुआयना भी किया है।
किसी एक ही शातिर का काम
बैंक में घुसकर चोरी की कोशिश को पुलिस और बैंक प्रबंधन किसी एक ही शातिर का काम मान रही है। दीवार पर लिखे डायलॉग से लगता है कि कोई एक ही नौसिखिया शख्स यहां आया है। वह कस्बे के लोगों को भी अच्छी तरह जानता है और इनके नाम लिखकर शायद इन्हें फंसाने की कोशिश भी की है। पुलिस इसी आधार पर जांच कर रही है।