गर्भवती महिला की बच्चे को जन्म देते समय संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसकी मां ने दामाद और उसके घर वालों पर दहेज के लिए गर्भवती बेटी की पेट दबाकर हत्या कर देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं।
किला इलाके के मोहल्ला गढ़ी में रहने वाली जनपद न्यायालय की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मी देवी की बेटी दीपमाला की शादी छह साल पहले इज्जतनगर के गांव अदलखिया निवासी होमगार्ड ललतू प्रसाद के बेटे राजीव से हुई थी। रविवार रात दीपमाला की प्रसव के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसके गर्भ से आधा बच्चा ही बाहर आ पाया था। दीपमाला की मौत की सूचना पर लक्ष्मी अपने बेटे के साथ रात में ही गांव अदलखिया पहुंची। वहां दीपमाला का शव घर के बरामदे में पड़ा था। उसके गर्भस्थ शिशु के सिर्फ पैर बाहर निकले थे। लक्ष्मी का आरोप है कि उसका दामाद उससे अक्सर पैसे लेता रहता था। जब दीपमाला गर्भवती हुई तब भी उसने उसके इलाज के लिए बीस हजार रुपये मांगे थे। वह यह रकम नहीं दे पाई तो उसकी गर्भवती बेटी की डिलीवरी के वक्त पेट दबाकर हत्या कर दी गई। लक्ष्मी के मुताबिक राजीव के किसी अन्य महिला से भी संबंध हैं, इसलिए वह दीपमाला को तंग करता था। पुलिस ने राजीव और उसके भाई अशर्फी लाल, राहुल व मां हर्दिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शव का सोमवार को पोस्टमार्टम न हो पाने के कारण उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
एक बजे मौत, बताया तीन बजे का समय
मृतका के भाई विष्णु का कहना है कि उसके बहनोई राजीव ने रात साढ़े तीन बजे फोन किया कि दीपमाला की तीन बजे मौत हो गई है। विष्णु के मुताबिक जबकि उसने मौके पर पूछताछ की तो पता चला कि दीपमाला की एक बजे ही मौत हो गई थी। ऐसे में राजीव ने झूठ क्यों बोला, इस पर भी सवाल उठ रहा है।
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दीपमाला आठ माह के गर्भ से थी। उल्टे बच्चे को जन्म देते समय उसकी मौत हो गई। फिर भी उसकी मां की तरफ से दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। -कमल सिंह यादव, एसओ इज्जतनगर