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कालेज जाने लगीं बेटियां, शोहदों की धरपकड़

Fri, 05 Aug 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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धनेली उर्फ धल्लिया की धमाचौकड़ी की खबर लखनऊ पहुंची तो जिले के शायद कोई संदेशा आया और डीएम और एसएसपी भी धनेली गांव पहुंच गए। पुलिस थोड़ा और चुस्त हुई बच्चियों के कालेज के बाहर धूमने वाले कुछ लड़के पकड़े गए कुछ की बाइकें बी सीज हुई और इधर गांव वालों को दोनों अफसरों ने फिर आश्वस्त किया कि भरोसा रखें बेटियों की हिफाजत होगी। इधर बृहस्पतिवार को 47 में से सिर्फ 11 बेटियां स्कूल गईं। बाकी में दहशत है। उन्हें डर है कि शोहदे बदले की कार्रवाई कर सकते हैं।  
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दुनका इंटर कालेज में धनेली  की 47 लड़कियां पढ़ती हैं। बृहस्पतिवार को  कालेज पहुंची लड़कियों ने बताया कि सबके समझाने पर कालेज आई तो हैं । गांव से दुनका तक के रास्ते पर कालेज खुलने और छुट्टी के वक्त बावर्दी और सादा कपड़ों में महिला-पुरुष पुलिस कर्मी उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए मुस्तैद दिखे। 
कॉलेज न जाने वाली लड़कियों ने बताया कि  पुलिस कार्रवाई से गुस्साए शोहदे या उनके परिवार वाले उन पर रास्ते में घेरकर हमला न कर दें इसलिए नहीं गईं। अगर कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा?  ग्राम प्रधान नवनेश कुमारी, उनके पति दिशपाल सिंह और कई अन्य ग्रामीणों ने माना कि पिछले दो दिन से पुलिस काफी मुस्तैद है। पुलिस ने गांव से कालेज के रास्ते में किसी आवारा, शोहदे को फटकने नहीं दिया है। दर्जन भर शोहदों की धरपकड़ भी की है। डीएम-एसएसपी ने अभिभावकों, लड़कियों को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि पुलिस के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि अपराध हो और अपराधी को पलक झपकते पकड़कर जेल भेज दें। पुलिस की सफलता पब्लिक के सहयोग पर ही निर्भर है। शोहदों की हरकतों की गुप्त सूचना समय रहते पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को दें, फौरन एक्शन लिया जाएगा। 
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 डीएम गौरव दयाल और एसएसपी आरके भारद्वाज का काफिला गुरुवार दोपहर ढाई बजे पहले दुनका और फिर धनेली पहुंचा। एसपी देहात यमुना प्रसाद, एसडीएम आरएन पांडेय, सीओ गिरीशपाल सिंह, एसओ शाही हरचरन सिंह राजपूत, दुनका चौकी इंचार्ज वेदपाल सिंह भी उनके साथ थे। डीएम, एसएसपी से पहले एसओ शाही, चौकी इंचार्ज ने दुनका इंटर कालेज में कालेज प्रबंधन से बात की और लड़कियों को पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कालेज के प्रिंसिपल विनोद कुमार सिंह को प्रार्थना सभा में लड़कियों को एसओ शाही, दुनका चौकी इंचार्ज के मोबाइल नंबर भी नोट करवाने के निर्देश दिए।  दोनों आला अफसरों ने धनेली उर्फ धल्लिया पहुंचकर लड़कियों, अभिभावकों से कालेज न आने की वजह पूछी। अभिभावकों ने बताया कि लड़कियां बहुत ज्यादा डर गई हैं। हम लोग उन्हें समझाने और हिम्मत बंधाने की कोशिशें कर रहे हैं। 
धनेली की बेटियां कमजोर या डरपोक नहीं, बहुत बहादुर हैं। शोहदों से डरने के बजाय झुंड बनाकर कालेज आएं-जाएं। खतरा होने पर महिला हेल्पलाइन 1090, डीएम, एसएसपी, एसओ शाही या दुनका चौकी इंचार्ज-किसी के भी फोन नंबर पर इत्तिला दें, चंद मिनटों के भीतर पुलिस पहुंच जाएगी। अभिभावकों को मुचलकों पर पाबंद कराने के साथ ही नोटिस भी तामील करवाए जाएं। लड़कों को संस्कारित बनाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की ही है। इस मीटिंग में डीएम, एसएसपी भी मौजूद रहेंगे। 
 गौरव दयाल डीएम
कालेज आती-जाती लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करना पुलिस  की जिम्मेदारी है। गांव से दुनका तक के रास्ते में जगह-जगह बावर्दी और सादा कपड़ों में महिला-पुरुष पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस रोजाना कालेज खुलने, छुट्टी के वक्त रास्ते पर पेट्रोलिंग करती रहेगी। लड़कियों या उनके अभिभावकों को शोहदों से डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। प्रशासन हमेशा, हर कदम पर आपके साथ है। 
 डॉ. आरके भारद्वाज एसएसपी
बनाई स्कूल-कालेजों की सूची
दुनका। प्रशासन ने दुनका चौकी क्षेत्र के स्कूल-कालेजों की लिस्ट तैयार कर उनमें पढ़ रही लड़कियों का ब्यौरा भी तलब किया है। ऐसा इन शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रही लड़कियों को शोहदों से सुरक्षा मुहैया करवाने की मंशा से किया जा गया है। 
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