थाना बिशारतगंज के खजुआई गांव में लड़के से दोस्ती के शक में बेटी की हत्या करने के बाद सौतेले मां ने पति और देवर की मदद से शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। उसकी सिरकटी लाश बिशारतगंज स्टेशन के पूर्वी आउटर सिग्नल के पास रेलवे ट्रक पर मिली। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है।
शनिवार को पुष्पा के चरित्र पर अंगुली उठाकर सौतेली मां ने पिटाई कर दी थी। रविवार को उसका शव घर में ही फांसी के फंदे पर लटका मिला था। देर रात सौतेली मां ने पति और देवर की मदद से उसकी लाश रेल ट्रैक पर फेंक दी। सुबह रेलवे के गेट मैन ने पीडब्ल्यूआई को रेलवे ट्रक पर शव पड़े होने की सूचा दी तो उन्होंने स्टेशन मास्टर को बता दिया। स्टेशन मास्टर की सूचना पर जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
करीब डेढ़ दशक पहले खजुआई गांव के मोहनलाल की हत्या हुई थी। इसमें सोबरन और उसका पिता श्यामलाल जेल जाने के बाद जमानत पर छूटे थे। इस मामले में मृतक के परिवार वाले सबूत नहीं जुटा पाए, जिससे सोवरन सजा पाने से बच गया। इसके बाद वहीं के रघुनंदन की हत्या कर लाश बिशारतगंज स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर फेंकी गई थी। इसमें घटना में सोबरन का नाम काफी चर्चा में आया था। मगर मुकदमे में उसे नामजद नहीं किया गया। उसी गांव के धनपाल की लाश भी विशारतगंज स्टेशन के पास ट्रैक पर पड़ी मिली थी। एसओ बिशारतगंज सीपी त्रिवेदी ने बताया कि तहरीर आने पर मामले में मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम सीन दे रहा है संघर्ष की गवाही
बिशारतगंज। खजुआई गांव की पुष्पा (17) की जिस घर में हत्या किए जाने की बात उसकी मौसी हंसा कह रही है वहां हालात भी कुछ ऐसे नजर आ रहे हैं। घर के दरवाजे के पास विंडो पर एक थाली में खाना रखा हुआ मिला। आंगन में कुछ कपड़े बिखरे पड़े हुए है। बरामदे में एक रस्सी,चप्पल,कपड़े सहित अन्य सामान बिखरा पड़ा है। घर का दरवाजा बाहर से बंद था। पड़ोस में रहने वाली पुष्पा की मौसी के घर के बाहर विलाप कर रही मृतका की बहन ने दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देख साफ लगा कि यहां भी सामान्य नहीं है कुछ न कुछ तो हुआ है।
सोबरन से गांव वाले भी डरते हैं
बिशारतगंज। खजुआई गांव के सोवरन की गांव में बहुत कम लोगों से बनती है। आस-पड़ोस के लोगों को उसके घर आना जाना नहीं होता है। गली में भीड़ लगाऐ खड़ी महिलाओं ने कहा कि सोबरन का खराब व्यवहार है तो कौन उसके घर आए-जाए। बेटियां बोलीं बाप नहीं जल्लाद है। सोबरन की पहली पत्नी शीला की तीन में से दो पुत्रियां छोटी बहन की मौत की खबर सुनकर गांव आई हैं। उनका कहना है कि पिता का व्यवहार हमेशा खराब रहा। सौतली मां भी उत्पीड़न करती है। मृतका पुष्पा की नानी व मामा ने आरोप लगाया कि सोबरन ने शीला को भी बेरहमी से मारा था।