फेसबुक और वाट्सएप पर रोज आने वाले मैसेज कब विवाद भड़का दें कुछ नहीं पता। कहीं दंगे भड़काने में तो कहीं बयानबाजी में इसका कुछ ज्यादा ही उपयोग किया जा रहा है।
पिछले दिनाें बरेली के दो बीडीओ ने वाट्सएप पर सपा सरकार के खिलाफ टिप्पणी की तो उनको सस्पेंड कर दिया गया। इसे देखते हुए यूपी पुलिस साइबर सेल ने फेसबुक और वाट्सएप पर निगरानी करनी शुरू कर दी है। उन्होंने इस संबंध में जानकारी भी दी है। अक्सर ऐसी वारदातें ग्रुप में ज्यादा होती हैं। ऐसी स्थिति में ग्रुप एडमिन के विरद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वाट्सएप और फेसबुक यूजर ध्यान दें
-मोबाइल, कंप्यूटर से धार्मिक, राजनीतिक टिप्पणी करने पर आपत्ति आती है तो वह साइबर अपराध है।
जानकारी न हो फिर भी ऐसी टिप्पणी को आगे बढ़ा देना साइबर एक्ट और आईपीसी के तहत दर्ज होगा
अगर टिप्पणी ग्रुप में की जाती है तो एडमिन भी जिम्मेदार होगा
किसी के भी ग्रुप में न जुडे़ं, पहले जानकारी करें
अगर आप विवादित टिप्पणी पर लाइक या कमेंट करते हैं तो भी आप पर कार्रवाई होगी। भले ही आप फेसबुक फ्रेेंड से जुड़े हो या नहीं।
धर्मगुुरु, महापुरुष, राजनेता पर कोई टिप्पणी करते हैं और अगर उनके समर्थक आपत्ति जताते हैं तो कार्रवाई होगी।
व्हाट्सएप पर टिप्पणी कर माहौल बिगाड़ने वाले दो गिरफ्तार
शीशगढ़। पैगम्बरे इस्लाम के बारे मे व्हाट्सप पर गलत टिप्पणी टाइप कर उसे ग्रुप पर पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने वाले थाना देवरनिया के गांव मंगतपुर के महेंद्र को पुलिस ने देर रात गिरफतार कर जेल भेज दिया। इसके बाद भी तनाव भरा माहौल देखते हुए कस्बे में पुलिस बल तैनात है। शुक्रवार की सुबह कस्बे के नर्सिंग होम के नाम से बने ग्रुप से जुड़े महेंद्र ने पैगम्बर के बारे में गलत टिप्पणी पोस्ट कर दी थी। जिसकी खबर धीरे धीरे कस्बे के उलेमाओं तक पहुंची तो लोग गुस्से में सड़क पर उतर आये थे और थाने के सामने धरना देकर बैठकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा कायम कर उसे गिरफ्तारजेल भेजने की जिद पर अड़ गए। जिसपर पुलिस ने तुरंत मुकदमा लिखकर उसकी तलाश शुरू कर देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया और शनिवार को जेल भेज दिया था।
माहौल शांत, आरोपी गया जेल
बिशारतगंज। व्हाट्सएप पर धार्मिक ग्रंथ के बारे में आपत्ति जनक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोपी धर्मपाल साहू को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नगर में माहौल शांत रहा। एहतियातन पुलिस तैनात रही। एसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया व्हाट्सएप पर पोस्ट के मामले की छानबीन की जा रही है। नगर का महौल न बिगड़ने पाए इसके लिए संदिग्ध लोगों पर पुलिस नजर रखे हुए है।
इमाम की गिरफ्तारी की मांग
देवरनियां। गनूनगला गांव में इमाम द्वारा विवादित टिप्पणी करने के बाद पुलिस ने कप्तान की फटकार पर रिपोर्ट तो दर्ज की पर अब इमाम की गिरफ्तारी से हिचक रही है। ग्रामीण आरोपी इमाम की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। गांव में ईद की नमाज के दौरान इमाम मौलाना राशिद ने दूसरे धर्म पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद गांव में विवाद हो गया था। गांव के एक पक्ष ने इमाम के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने एसएसपी व डीएम से मिलकर इमाम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी के आदेश के बाद पुलिस ने इमाम के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इमाम को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। वहीं एसओ सोनकर बाबू का कहना है कि वह आरोपी इमाम के खिलाफ साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस टीम उसके गांव भेजी थी। वह गांव से फरार है। जल्द ही साक्ष्य जुटाकर उसे गिरफ्तार किया जायेगा।