इज्जतनगर की आशुतोष सिटी कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात बदमाशों ने नवाबगंज तहसील में तैनात कनिष्ठ सहायक सुशीला देवी के घर धावा बोल दिया। बेटी को उठा ले जाने की कोशिश का विरोध करने पर बदमाशों ने उनकी गर्दन काटकर हत्या करने की कोशिश की। खुद को बचाने के चक्कर में उनके हाथ की अंगुली कट गई। बदमाशों ने सिर पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। इसके बाद लाखों का माल समेटकर भाग गए। एडीएम के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन वह घटना को संदिग्ध बता रही है।
घटना रात दो बजे की है। 20 साल की बेटी के साथ आशुतोष सिटी कॉलोनी में रह रहीं सुशीला देवी के घर पांच नकाबपोश बदमाश घुस आए। सीढ़ी के सहारे उन्होंने खिड़की से तमंचा दिखाकर कमरे का दरवाजा खुलवाने को कहा। विरोध करने पर फायर की धमकी दी। कमरे में दाखिल होने पर बदमाशों ने सोने की दो अंगूठियां, दो चेनें, दो चूड़ियां, दो जोड़ी कुंडल, दो जोड़ी चांदी की पायलें, एक मोबाइल और दस-बारह हजार रुपये लूट लिए। लूटपाट के बाद बेटी को उठा ले जाने की कोशिश की गई। इसका विरोध करने पर बदमाशों ने सुशीला देवी के सिर में लोहे की रॉड मार दी। आरी से गर्दन काटने की कोशिश की। तीन व्यक्ति देहाती भाषा बोल रहे थे। उनमें से एक का कहना था कि वह शाहजहांपुरिया हैं। रात तीन बजे सुशीला देवी ने कंट्रोल रूम में फोन कर पुलिस को सूचना दी। एसओ कमल सिंह यादव ने मौके का मुआयना किया। फील्ड यूनिट की टीम भी पहुंच गई लेकिन घटना के बारे में कोई क्लू नहीं मिला। पुलिस ने घटना को संदिग्ध बताते हुए मुकदमा लिखने में आनाकानी की तो महिला एडीएम सिटी के पास पहुंच गईं। एडीएम के आदेश पर इज्जतनगर थाने में डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
कोट
महिला के घर डकैती की घटना ही नहीं हुई है। मामला जमीन के विवाद से जुड़ा है। फिर भी छानबीन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
असित श्रीवास्तव, सीओ तृतीय
एसओ बोले, असली लड़ाई तो जमीन की है
एसओ कमल सिंह यादव ने बताया कि आशुतोष सिटी की बिहारमान नगला की करीब पांच हजार गज जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस के मुताबिक रामप्रसाद ने यह जमीन श्यामा देवी को बेची थी। श्यामा देवी ने यह जमीन अधकटा ब्रह्मनान के रहने वाले महेंद्र सिंह को जमीन की पॉवर ऑफ अटर्नी दे दी थी। महेंद्र ने लोटन नाम के जमीन के कारोबारी के साथ मिलकर प्लाटिंग कर दी। बाद में श्यामा देवी से इस जमीन का बैनामा शाहजहांपुर के रहने वाले उन्नाव के डीएफओ और उनके परिवार के लोगों ने करा लिया। उधर महेंद्र ने जमीन का बैनामा कराने में दो लाख 47 हजार की राजस्व चोरी की थी। इस तरह विवादित होने पर एसडीएम ने इस जमीन को कुर्क करके हरूनगला के चेतराम और रजनीश की सुपुर्दगी में दे दिया। एसडीएम ने इस जमीन को लेकर 27 मई को पुलिस की सुपुर्दगी में देकर यथा स्थिति बनाए रखने को कहा है।
पुलिस ने उठाए सवाल
-बृहस्पतिवार को सारे दिन बरसात होती रही। रात को भी बूंदाबांदी हो रही थी। ऐसे में बदमाश सुशीला के घर में घुसे तो उनके पैरों के निशान क्यों नहीं मिले। फील्ड यूनिट की टीम की छानबीन में ही डकैती होने का कोई सुबूत नहीं मिल पाया है।
-सुशीला देवी के हाथ में चोट लगने के बाद उन्होंने जल्दबाजी कर प्राइवेट अस्पताल में मेडिकल से पहले इलाज क्यों करा लिया। महिला के सिर में इतनी गहरी चोटों के निशान नहीं है जो लोहे की रॉड से लगी हो।
- तहसील कर्मी के घर आए बदमाश यह क्यों बताकर जाएंगे कि वह शाहजहांपुरिया हैं। यह तो सीधा डीएफओ के परिवार की तरफ ही इशारा है। इससे रंजिश की बू भी आ रही है।
-खिड़की से तमंचा दिखाने पर आसानी से दरवाजे क्यों खोल दिए गए। विरोध या चीख पुकार भी नहीं मचाई गई। पड़ोसियों की मदद भी ली जा सकती थी।