एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार सुबह पहुंचे फीरोजाबाद से गोली
लगने से घायल युवक रामनरेश (32) से केस हिस्ट्री पूछे जाने पर उसके साथ आए
तीमरादार आपा खो बैठे। खुद को सपा नेता बताते हुए हथियारों से लैस
तीमारदारों ने सीनियर रेजिडेंट डाक्टर आदित्य को लात घूंसों से बुरी तरह
पीटा। उनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद घायल राम नरेश को लेकर भाग निकले।
गुस्साए जूनियर डाक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं ठप कर हड़ताल का ऐलान कर दिया।
उनकी मांग पर पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ केस
दर्ज किया। तब जाकर तीन घंटे बाद डाक्टर काम पर लौटे। इस दौरान तमाम मरीजों
को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फीरोजाबाद के आनंदीपुर, करकौली मटसेना
निवासी रामनरेश (32) को आठ-दस तीमारदार सुबह करीब दस बजे इमरजेंसी लेकर
पहुंचे। खुद को सपा नेता बताने वाले तीन-चार तीमारदार असलहा लिए हुए थे।
सीनियर रेजीडेंट डा. आदित्य प्रकाश का कहना है कि वे फाइल बनाने के लिए
पूछताछ करने लगे। इस पर तीमारदार भड़क गए। कहने लगे कि इलाज शुरू करो, फाइल
बाद में बन जाएगी। विरोध करने पर तीमारदारों ने उन पर हमला बोल दिया।
उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूसाें से पीटा। मारपीट से इमरजेंसी में अफरा
तफरी मच गई। कुछ ही देर में जूनियर डाक्टर भी लामबंद हो गए। डाक्टरों के
पहुंचने पर तीमारदार मरीज को लेकर भाग निकले।
डाक्टर आदित्य प्रकाश को
घायल देखकर जूनियर डाक्टरों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने इमरजेंसी में
भर्ती मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। इमरजेंसी के गेट पर तालाबंदी
करके हड़ताल का ऐलान कर दिया। घटना की जानकारी होने पर प्राचार्य डा. अजय
अग्रवाल, एसआईसी डा. हिमांशु यादव मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एसीएम
(चतुर्थ) एमपी सिंह, सीओ कोतवाली मनीषा सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचीं।
प्राचार्य ने जूनियर डाक्टरों को हड़ताल खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश
की। इस बीच पुलिस अधिकारियों से डाक्टरों की तीखी नोंकझोंक हुई। तीन घंटे
तक जूनियर डाक्टर हंगामा करते रहे। वे आरोपी तीमारदारों की गिरफ्तारी और
मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
दोपहर एक बजे सीओ कोतवाली ने
बताया कि चार आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इसके बाद सीएमएस डा. एए खान की
तहरीर पर पुलिस ने मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और उत्तर प्रदेश
चिकित्सा परिचर्चा सेवाकर्मी नियमावली के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ
रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने तीमारदारों में घायल के भाई भगत सिंह,
कुंवरपाल, सत्यवीर सिंह और रुमाल सिंह को हिरासत में ले लिया। इसके बाद ही
जूनियर डाक्टर काम पर लौटे।
..और मासूम की मौत हो गई
हड़ताल के
दौरान एक दस साल का बच्चा गंभीर हालत में आया। उसने गलती से विषाक्त पदार्थ
का सेवन कर लिया था। डाक्टरों ने मानवता दिखाते हुए उसे देखा, लेकिन कुछ
देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
तीमारदारों ने डाक्टर के साथ
मारपीट कर दी थी। इससे डाक्टरों में रोष फैल गया था। आरोपियों को पकड़े
जाने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई।
- डा. अजय अग्रवाल, प्राचार्य
सुरक्षा के इंतजाम हों: डा. रोहन
इलाज
शुरू करने के बावजूद साथी डाक्टर से मारपीट की गई। पुलिस भी खामोश रही,
ऐसे हालातों में कैसे मरीज का इलाज होगा। डाक्टराें की सुरक्षा पुख्ता होनी
चाहिए।
- डा. रोहन, अध्यक्ष ,जूनियर डाक्टर एसोसिएशन
हमारे साथ हुई मारपीट: तीमारदार
फीरोजाबाद
के घायल मरीज रामनरेश की पत्नी स्नेहलता ने बताया कि पति को पेट में गोली
मारी गई थी। वे इमरजेंसी पहुंचे तो वहां मौजूद डाक्टर काफी देर तक मोबाइल
पर बातें करता रहा। इस पर जेठ भगत सिंह ने टोका। इस पर ही डाक्टर ने अपने
साथियों को बुलाकर भगत सिंह और उसके साथ भी मारपीट और अभद्रता की। पति को
स्ट्रेचर से नीचे फेंक दिया। बाद में हम लोग मरीज को निजी अस्पताल ले गए,
जहां से पुलिस ने रिश्तेदारों को पकड़ लिया। हम भी मुकदमा कराएंगे।