बाइक खरीदने को मां ने रुपये न दिए तो बेटे ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गनीमत रही कि बगल के निचले हिस्से से होती हुई गोली निकल गई और उसकी जान बच गई। उसे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव रिछौला ताराचंद निवासी लेखराज उर्फ विक्की मंगलवार सुबह मां भगवान देवी से जिद करने लगा कि उसे बाइक दिलवाओ। बताते हैं कि मां ने उसे ताना दिया कि इंटर में फेल होने के बाद कोई काम नहीं करता, दिन भर घर में पड़ा रहता है। इससे लेखराज नाराज हो गया। मां दूसरे काम में लगीं तो लेखराज कमरे में घुस गया। उसने खूंटी से पिता की दोनाली लाइसेंसी बंदूक उतारी और बेड पर बैठकर इसकी नाल अपने सीने पर बायीं ओर लगा ली। फिर पैर के अंगूठे से ट्रिगर दबा दिया। ऐन वक्त पर नाल साइड हो गई और फायर बगल के नीचे होता हुआ निकल गया। फायर होने पर भगवान देवी अंदर दौड़कर आईं। उन्होंने विक्की को बेड पर कराहते देखा। दूसरे लोग आए तो घर में कोहराम मच गया।
घरवाले तत्काल ही लेखराज को लेकर जिला अस्पताल आए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद वे उसे निजी अस्पताल ले गए। लेखराज का कहना था कि घरवाले अक्सर ताने देते हैं। वह सुबह सात बजे खाना खा लेता है। मां ने नहीं दिया तो गुस्सा आ गया। बाइक वाली बात नहीं थी। वहीं परिवार के लोगों का कहना था कि लेखराज के खाली घूमने पर उसे टोकते थे, अब नहीं टोकेंगे। घटना की सूचना पर रिठौरा चौकी इंचार्ज पवन सिंह मौके पर गए और एसओ को रिपोर्ट दी। एसओ अमर सिंह ने बताया कि लापरवाही से हथियार रखने की रिपोर्ट बनाकर वे उच्चाधिकारियों के जरिये डीएम को देंगे।