हिस्ट्रीशीटर संदेश कनौजिया और उसके साथियों ने सत्ता के सहारे जीटीआई के रिटायर अफसर लालता प्रसाद के घर और बाकी बची साढ़े तीन बीघा जमीन की हड़पने की प्लानिंग कर ली थी। लालता प्रसाद को बैनामा कराने के लिए दवाब बनाने को नोटिस दो नोटिस दिलवाए गए हैं। लेकिन पुलिस ने पीड़ित के लिखाए गए मुकदमे में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
रिटायर जीटीआई अफसर की तेरह बीघा जमीन का मुफ्त में बैनामा कराने वाले थाना बिथरी चैनपुर के कचौली गांव के हिस्ट्रीशीटर संदेश कनौजिया और उनके साथियों की गिरफ्तारी करने से पुलिस बच रही है। उसकी सियासी ताकत का इससे भी अंदाजा लग रहा है कि 31 अक्टूबर को लालता प्रसाद और उनके बेटे राहुल को संदेश कनौजिया ने असलहों के बल उठा ले जाने के बाद तेरह बीघा जमीन का मुफ्त में बैनामा करा लिया था। मुकदमा दो महीने बाद 27 दिसंबर को एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने बमुश्किल लिखा। पुलिस ने जैसे-तैसे मुकदमा तो लिख लिया, लेकिन अब संदेश और उनके साथियों की गिरफ्तारी से पुलिस बच रही है।
लालता प्रसाद ने बताया कि संदेश कनौजिया ने मकान का अपने साथी बिथरी चैनपुर थाने के ही अहलादपुर गांव निवासी श्याम सिंह के नाम और बाकी बची साढ़े तीन बीघा जमीन का शिवनंदन निवासी डंडिया, थाना भुता के नाम एग्रीमेंट करा लिया था। अब उन्हें नोटिस देकर बैनामा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। श्याम सिंह ने अधिवक्ता की तरफ से उन्हें नोटिस भेजकर कहा गया कि मकान का बैनामा कराने के लिए आपने एक साल का समय दिया था। बैनामा किस तारीख में कराना है, बताओ। लालता प्रसाद के मुताबिक इसी तरफ शिवनंदन के अधिवक्ता की तरफ से भी उन्हें नोटिस मिला है। उसमें कहा गया है कि तीन महीने का समय बैनामा कराने का था, आपने अभी तक नहीं कराया। लालता प्रसाद का कहना है कि यह सब उस पर बैनामा कराने के लिए दवाब बनाने को किया जा रहा है। लेकिन वह इंसाफ के लिए लड़ाई जारी रखेेंगे। आईजी से मिलकर अपनी बात फिर से उनके सामने रखकर संदेश कनौजिया और उसके साथियों की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
-संदेश कनौजिया और उनके साथियों का उन्हें गिरफ्तारी पर रोक का कोई आदेश नहीं मिला है। ऐसा कुछ होता तो आदेश को आना चाहिए था। विवेचक छुट्टी पर चले गए हैं। संदेश के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। आला अधिकारियों के राय लेकर इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी- गजेंद्र सिंह, एसओ बिथरी चैनपुर