बानखाना प्रकरण में पुुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने थाना प्रेमनगर में प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। थाने में एसओ के जवाब से असंतुष्ट महिलाएं एसएसपी धर्मवीर यादव से मिलने पहुंच गई। वहां पर महिलाओं को सुुनने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर प्रेमनगर को मोबाइल पर फटकारा और कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाओ और गंदगी मत फैलाओ। एसएसपी के आश्वासन के बाद महिलाएं अपने घरों को चली गईं।
गुरुवार की रात थाना प्रेमनगर के बानखाना में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच बवाल के बाद आबिद मंसूरी पक्ष की करीब तीन दर्जन महिलाएं रात साढ़े आठ बजे प्रेमनगर थाने पहुंची। आबिद की बहन आयशा परवीन ने हंगामा करते हुए कहा कि आबिद की हालत खराब है और उसे गुरुवार की रात से थाने में बैठाए रखा है। साथ ही बैरक में बंद उनके बेटे ईशान को छोड़ने को कहा। महिलाओं की भीड़ को देखकर इंस्पेक्टर ने आबिद को को छोड़ दिया लेकिन ईशान को छोड़ने से मना कर दिया। जिससे महिलाओं ने थाने में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वे सड़क पर आ गईं और जाम लगा दिया। आयशा का कहना था कि बृहस्पतिवार को बवाल के बाद उनके भाई आबिद मंसूरी ने घोसी पक्ष के अब्दुल सलाम आदि कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना वाले दिन जब आबिद अपने बेटे ईशान के साथ तहरीर देने थाने गए तो उन्हें भी पुलिस ने बहाने से बैठा लिया। उन लोगों ने इंस्पेक्टर से बात की तो उन्होंने लगातार तसल्ली दी कि इन्हें छोड़ दिया जाएगा। आज उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस ने अब्दुल सलाम की ओर से उनके पक्ष के कई लोगों पर उसी तरह का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप लगाया कि इसके लिए इंस्पेक्टर ने 1.60 लाख रुपये ले लिए हैं। उन लोगों को धोखे में रखकर अन्याय किया गया है वे चुप नहीं बैठेंगी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि दूसरे पक्ष ने भी घटना के बाद ही रिपोर्ट करा दी थी। ईशान उसके आरोपी के तौर पर आज ही दाखिल किया गया है, उसे कल जेल भेजा जाएगा। दूसरा कोई आरोपी उनके पास नहीं है।
आबिद को भेजा अस्पताल
महिलाओं के पहुंचने के बाद पुलिस ने आबिद को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। आबिद की बेटियों का कहना था कि पिता शुगर के मरीज हैं. लगातार थाने में बैठे रहने से उनकी हालत बिगड़ गई है। पुलिस और बैठाये रखती तो जाने क्या होता।
आरोपों की जांच होगी: एसपी सिटी
इंस्पेक्टर प्रेमनगर पर लगे आरोपों के बाबत एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा का कहना था कि इस तरह के आरोप हैं तो जांच कराई जाएगी। अवैध रूप से हिरासत में रखने की भी जांच होगी। हालांकि झगड़े में यह पक्ष भी दोषी है और मुकदमा पहले ही हो चुका था। बानखाना में बार बार कुछ लोग बवाल की नौबत ला रहे हैं। इन्हें चिन्हित किया जा रहा है, इन पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।