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आशुतोष सिटी में तड़तड़ाईं गोलियों, फैली दहशत

Sun, 14 Jun 2015 02:08 AM IST
बरेली
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 इज्जतनगर क्षेत्र की पॉश कॉलोनी आशुतोष सिटी में शनिवार दोपहर ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग से दहशत फैल गई। पुलिस पहुंची तो पता चला कि मामला प्लॉट कब्जाने का है, जिसमें हिस्ट्रीशीटर और व्यवसायी आमने-सामने आ गए थे। हिस्ट्रीशीटर तो मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस उसके वाहन और व्यवसायी को लाइसेंसी असलहों समेत थाने ले आई। व्यवसायी ने हिस्ट्रीशीटर और उसके गुर्गों पर मुकदमा करा दिया है।
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   दोपहर करीब एक बजे आशुतोष सिटी के फनसिटी साइड वाले गेट पर हवाई फायरिंग से दहशत फैल गई। घबराकर आसपास रहने वालों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। बताया कि करीब पच्चीस फायर हुए। इस बीच एसआई जितेंद्र सिंह उधर से गुजरे तो कुछ हथियारबंद लोग उन्हें देखकर भाग खड़े हुए। जितेंद्र ने सूचना दी तो इज्जतनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को यहां हरे रंग की एक क्वालिस और एक बिना नंबर की बाइक मिली। तीन प्लाटों में से बीच के प्लाट की दीवारें और नींव टूटी पड़ी थी। कुछ लोग लाइसेंसी हथियार लिए खड़े मिले, जिन्हें पुलिस साथ ले आई। इनमें से एक ने एसओ कमल सिंह को अपना परिचय तिलहर के कार वर्कशॉप स्वामी अखिलेश अग्रवाल के रूप में दिया। उन्होंने बताया कि उनके भाई दिनेश अग्रवाल बरेली में रहकर सर्राफा का काम करते हैं। उनकी पत्नी शैल अग्रवाल के नाम यहां पांच सौ वर्ग गज का प्लॉट है, जिसे उन्होंने 2005 में कंघीटोला निवासी हसीब से छह लाख रुपये में खरीदा था। हसीब ने यह प्लॉट जगमोहन से खरीदा था। उन्हें पता चला था कि हाफिजगंज थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कीरतपुर निवासी राजीव सिंह ने बृहस्पतिवार को प्लॉट को अपना बताते हुए कब्जा कर लिया। भाभी की सूचना पर वह स्थिति देखने आए तो राजीव और उसके सात-आठ साथी दीवार तोड़ते मिले। मना किया तो हवाई फायरिंग करने लगे। बचाव में उन्होंने भी अपनी रायफल से एक फायर किया।
अखिलेश की तहरीर पर पुलिस ने राजीव और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। हालांकि, अखिलेश के असलहे नहीं दिए। एसओ ने कहा कि जमीन के स्वामित्व को लेकर स्थिति साफ नहीं है। जगमोहन के नाम उनके थाने में पहले से जमीन फर्जीवाड़े के तीन मुकदमे कायम हैं। अखिलेश और उनके परिवारवालों के नाम की तीन लाइसेंसी रायफल, एक रिवॉल्वर और एक बंदूक जब्त की है। अखिलेश को कब्जे की जानकारी मिली तो पुलिस को बताते, खुद मौके पर हथियार लेकर जाना सही नहीं था। अब जांच के बाद ही हथियार रिलीज या सीज किए जाएंगे। साथ ही राजीव की गिरफ्तारी कराई जाएगी।
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