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बाजार की तो हवा निकाल दी

Sun, 31 May 2015 01:40 AM IST
बरेली
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 सोमवार से कुतुबखाना मस्जिद में इमाम की तैनाती के बाद हुए उपद्रव के कारण बरेली का बाजार प्रभावित हो गया है। शनिवार शाम बाजार में मची भगदड़ से तो त्योहार और विवाह शादी के सामान की खरीद को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जून के पहले सप्ताह में दो जून को शब-ए-बारात तथा 19 जून से रजमान का महीना संभावित है। इतना ही नहीं हिंदुओं में विवाह शादियों का दौर भी इसी माह शुरु होगा, ऐसे में बाजार के गुलजार होने की उम्मीद है लेकिन यही माहौल रहा तो व्यापारी मायूस होंगे और खरीददारों को भी परेशानी होगी।
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डीएम ने छठे दिन जैसे ही फैसला दिया तो फिर से बरेलवी मसलकों की भीड़ सड़कों पर उतर आयी। इससे शनिवार को शाम से ही अफवाह फैली और  बाजार बंद हो गया। पुराने बाजार में दुकानों के शटर गिर गए। उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने क हा है कि बाजार में सप्ताह भर से अस्थिरता और असुरक्षा बनी हुई है। व्यापारी और ग्राहक दोनों ही प्रभावित हुए हैं। शनिवार शाम हुई भगदड़ का प्रभाव अगले कई दिनों तक रहेगा।

दस करोड़ का नुकसान
व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि शनिवार में फैली अफरातफरी से दस करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि बाजारों में सुरक्षा का बनाए। क्योंकि इन घटनाओं से पूरे जिले का व्यापारी प्रभावित है।
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प्रशासन दे सुरक्षा
पसपांदा समाज के प्रदेश अध्यक्ष और कारोबारी मुख्तार अहमद मंसूरी ने कहा कि पिछले काफी दिनों से बाजार में अस्थिरता चल रही थी। गल्ला, दलहन, किराना और सामान्य बाजार चौपट है। अनुकूल माहौल न होने से कारोबारी दशहत में है। प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई तक नहीं कर पा रहा है। मंसूरी ने कहा है कि प्रशासन व्यापार और व्यापारी के लिए अनुकूल माहौल तैयार करे। प्रशासन से सवाल किया है कि जब जिले में धारा 144 लगी है तो सड़कों पर अफरातफरी कैसे फैल रही है। इसके कौन जिम्मेदार है। इस कथित लापरवाही से सपा सरकार बदनाम हो रही है।


नावल्टी - कोतवाली क्षेत्र बना छावनी
बरेली (ब्यूरो)। कोतवाली में बरेलवी मसलक के लोगों के जुटने और डीएम - एसएसपी से वार्ता के दौरान वहां जुटे हुजूम को संभालने एवं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नावल्टी से लेकर कोतवाली - कुतुबखाना तक का इलाका रात साढ़े 10 बजे तक छावनी बना हुआ था। अघोषित कर्फ्यू सरीखा माहौल था। दुकानों के शटर गिरे हुए थे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और अन्य अधिकारी कोतवाली पर ही बुला लिए गए थे। रात साढ़े 10 बजे बैठक खत्म होने के बाद भीड़ के वापस लौटने के बाद नावल्टी से कुतुबखाना तक ट्रैफिक सुचारु हो पाया।
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