प्रापर्टी डीलर चिंटू के अपहरण का सच जल्दी ही सामने आ जाएगा। केस मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। सर्विलांस की जांच पर यकीन करें तो मुकदमे में नामजद चिंटू के दोस्त भी सच छुपा रहे हैं। घटना के दिन एक दोस्त की बताई लोकेशन से उसके मोबाइल की लोकेशन काफी दूर केसरपुर के पास मिली है।
21 अप्रैल की शाम गायब हुए सैनिक कालोनी निवासी अतुल पांडेय उर्फ चिंटू के अपहरण का मुकदमा उनके भाई कृष्णस्वरूप पांडेय ने सात मई को अतुल के दो प्रापर्टी डीलर दोस्तों के नाम दर्ज कराया था। विवेचक सुनील कुमार ने एक बार आरोपियों से बात के बाद ढील दे दी तो एसएसपी के आदेश पर केस क्राइम ब्रांच के निरीक्षक शिवराज सिंह को दी गई। शिवराज ने मुड़िया अहमदनगर गांव से चिंटू का मोबाइल बरामद किया। इसमें सिम नहीं था। सर्विलांस आईएमईआई नंबर के सहारे आगे बढ़ने में जुटी है। विवेचक ने मंगलवार को चिंटू की कथित प्रेमिका के रिश्तेदार को बुलवाया पर शहर में बवाल की वजह से पूछताछ नहीं हो सकी। बताते हैं कि दूसरे समुदाय के इसी युवक के घर लड़की के रहते हुए चिंटू से उसकी मुलाकात हुई थी। साल भर पहले जब चिंटू जबरन लड़की के घर में घुसा था तो बीच बचाव इसी युवक ने किया था। सूत्र बताते हैं कि एक दो दिन में पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
भाई ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा
कृष्णगोपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र फैक्स करके भाई का पता लगाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। बताया कि आरोपियों से पुलिस का व्यवहार मित्रवत है। वे बाहुबली भी हैं।
पिंटू के हत्यारों का आज तक पता नहीं
प्रापर्टी की रंजिश में अपहरण और कत्ल के मामले बढ़े हैं तो रसूखदारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी नहीं कर पा रही। नौ अक्तूबर 2014 को शहर की एलआईसी कालोनी निवासी प्रापर्टी डीलर ब्रह्मप्रकाश उर्फ पिंटू राठौर को अगवा करके हत्या कर दी गई। दूसरे दिन बिथरी चैनपुर क्षेत्र में पिंटू का अधजला शव मिला। पिंटू की पत्नी सरोज ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ बिथरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों ने पुलिस को कई क्लू दिए पर प्रभावशाली विरोधियों से पूछताछ तक नहीं की गई। बिथरी एसओ गजेंद्र सिंह इस केस की विवेचना कर रहे हैं, उनके पास अब तक खुलासे का एक रास्ता भी नहीं है।