आम तौर पर दलित समुदाय के लोग अन्य जाति के लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हैं मगर सिमरा हरिचंद्र गांव में दलित महिलाओं ने पिछड़ी जाति के लोगों को सरकारी नल से पानी नहीं भरने दिया। इससे गांव में तनाव हो गया। मारपीट की नौबत भी आ गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर दोनों पक्ष शांत हो गए। पुलिस ने 18 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
नेशनल हाइवे किनारे बसे सिमरा हरिचंद्रपुर की आबादी एक हजार के करीब होगी। जहां दलित, पिछड़े और सामान्य वर्ग के विभिन्न जातियों के लोग रहते हैं। गांव में पानी का स्तर नीचे पहुंचने की वजह से कई घरों के हैंडपंप सूख गए हैं। इन घरों के लोग गांव में लगे इंडिया मार्का नलों से पानी लेने को मजबूर हैं। सोमवार की शाम पिछड़ी जाति की महिलाएं दलित बस्ती में लगे इंडिया मार्का नल से पानी लेने गई थीं। आरोप है कि वहां चिरौंजी लाल की पत्नी और पुत्रवधू आदि ने पिछड़ी जाति की महिलाओं को पानी लेने से रोक दिया। राजू कश्यप का आरोप है कि उनके परिवार की महिलाओं को दलित बस्ती वालों ने बगैर पानी लिए लौटा दिया। इसके बाद दोनों तरफ की महिलाएं आमने-सामने आ गईं और गाली गलौज होने लगी। झगड़ते देख दोनों ओर के पुरुष लाठी-डंडे लेकर इकट्ठे होने लगे। सूचना पर दरोगा हरिशंकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देखते ही लोग इधर-उधर भाग गए। राजू कश्यप और दूसरे पक्ष के राकेश कुमार को मौके पर पकड़ लिया गया। शांति भंग की धारा 151 में लिखा पढ़ी कर मंगलवार को दोनों फरीदपुर एसडीएम कोर्ट में पेश किए गए। एसडीएम के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया। उनके अलावा कश्यप बिरादरी के गुड्डू, नन्हें, सीताराम, घनश्याम, सत्यपाल, रामसेवक, गोपाल, जयराम, बिहारी और दलित बस्ती सर्वेश, चिरौंजी लाल, गंगाराम, उमेश, रमेश, रामदास, कल्लू को मुचलका पाबंद किया गया है।