सऊदी अरब में नौकरी के नाम पर भेजा गया एक और युवक गुलामों की तरह पांच दिन यातना सहता रहा। बंधक बनाकर रखा गये इस युवक से मजदूरी कराई गई। जब बीमार हो गया और काम करने में असमर्थ हुआ तो 70 हजार रुपये उससे वसूलकर उसे छोड़ा गया। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसे एक एजेंट ने यहां से वेल्डर का काम दिलाने का भरोसा देकर 90 हजार रुपये वसूले थे।
प्रेम नगर थाना क्षेत्र के भूड़ मोहल्ला निवासी मुजाहिद वेल्डिंग के कारीगर हैं। मुजाहिद ने बताया कि शाहबाद मोहल्ले में रहने वाली एक महिला और उसका बेटा लोगों को विदेश भेजने के लिए एजेंट का काम करते हैं। इन लोगों ने उसे बताया कि सऊदी अरब की बड़ी कंपनी को कुशल वेल्डर की जरूरत है। उसे हर महीने 1200 रियाल (करीब बीस हजार रुपये) मिलेंगे। उससे 90 हजार रुपये लिए और सात मई को फ्लाइट से सऊदी अरब भेज दिया। वहां कुछ लोगों ने उसे रिसीव किया और शहर से दूर जंगल में ले गए जहां नई कालोनी विकसित हो रही थी। वहां पहले उससे छत की पीओपी कराई। दूसरे दिन एक फैक्ट्री में ले जाकर लोहे की भारी चादरें कटवाईं और तीसरे दिन ट्रकों में माल लोड कराया। उसने खुद को वेल्डर बताते हुए जोखिम भरे इन कामों से इंकार किया तो किसी ने न सुनी। पांच दिन काम करने में उसे तेज बुखार चढ़ गया। किसी ने दवा तक न दिलवाई। किसी तरह उसने अपने घर संपर्क किया। तब भाई ने कंपनी प्रबंधक से संपर्क साधा। उन्होंने बताया कि उनका तो हर तरह का काम कराने का करार हुआ था। छोड़ने के एवज में 70 हजार लिए। बृहस्पतिवार की फ्लाइट से वह किसी तरह दिल्ली आया। वहां घरवालों से मिलते वक्त बेहोश हो गया। कमजोरी से उस पर खड़ा नहीं हुआ जा रहा। मुजाहिद के तहेरे भाई हसीन ने बताया कि उन्होंने प्रेमनगर थाना पुलिस को सूचना दे दी है। मुजाहिद की हालत में सुधार होते ही एजेंट के खिलाफ मुकदमा कराएंगे।