भट्ठा मजदूर की घर से बुलाकर ले जाने के बाद पीटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साए लोगों ने भट्ठे पर जाकर तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। भट्ठा मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
गौसगंज गांव का सत्तार फरीदपुर-बुखारा रोड पर स्थित ईंट भट्ठा पर मजदूरी करता था। घर वालों ने बताया कि सत्तार ने करीब दो महीने पहले भट्ठा मालिक से 10 हजार रुपये एडवांस के लिए थे। दो दिनों से तबियत खराब होने के कारण सत्तार काम पर नहीं जा सका। आरोप है कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भट्ठा मालिक फईम बेटे समेत घर पहुंचे और सत्तार को गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। परिवार वालों के पूछने पर जल्दी लौटाने का बहाना बना दिया। आरोप है कि भट्ठे पर ले जाकर सत्तार को कमरे में बंद करके जमकर पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी लाश मौके पर छोड़कर भट्ठा मालिक और उसका बेटा फरार हो गए।
शाम करीब चार बजे इसकी सूचना घर पहुंची तो परिवार वाले सन्न रह गए। परिवारीजन और गांव वाले इकट्ठे होकर भट्ठा पर पहुंचे तो सत्तार की लाश देखकर अपना आपा खो बैठे। गुस्साए लोगों ने भट्ठे पर जमकर तोड़फोड़ की। वहां खड़ी बाइक भी तोड़ दी गई। घटना की सूचना मिलने पर फरीदपुर पुलिस के साथ सीओ मनोज पांडेय मौके पर पहुंच गए और भीड़ को समझाकर शांत किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फरीदपुर कोतवाली में भट्ठा मालिक फईम और उसके बेटे आमिर, जाबिर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मृतक के शरीर पर खरोंचों के निशान दिख रहे हैं। बाकी मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगी। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज पांडेय, सीओ फरीदपुर
अनाथ हो गए बच्चे
सत्तार सलमानी की पत्नी रुखसाना की आठ साल पहले मृत्यु हो गई थी। उसके तीन बच्चे बेटी आफरीन और बेटे आमिर, जाबिर हैं। सत्तार मजदूरी करके अपना और बच्चों का पेट पाल रहा था। आय का दूसरा कोई जरिया नहीं है। सत्तार की मौत के बाद बच्चे अनाथ हो गए।