शुक्रवार रात मामूली कहासुनी के बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के ग्रामीण का सिर फोड़ दिया। घटना के बाद दो समुदायों में तनातनी की नौबत बनी। हालांकि थाने से पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया। किन्हीं वजहों से घायल ने अपनी तहरीर वापस लेकर फैसलानामा लिख दिया।
शुक्रवार रात नौ बजे करीब वीरपाल जाटव अपने घर के बाहर बैठा था। बताते हैं कि कोई डनलप जाते वक्त वहां मिट्टी का ढेर गिरा गया था। इस बीच गांव निवासी मुन्ने हाजी, अफसर, बाबू और शरीफ अहमद कार से इसी रास्ते पर आए। बताते हैं कि इन लोगों ने मिट्टी देखकर वीरपाल को अपशब्द कहे। वीरपाल ने मना किया तो ये लोग हमलावर हो गए। आरोप है कि इन्होंने वीरपाल का बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। किसी ने धारदार हथियार मारकर उसका सिर फोड़ दिया। वीरपाल की चीख सुनकर ग्रामीण जुटे तो हमलावर फरार हो गए। परिवार के लोग वीरपाल को लेकर दुनका चौकी पहुंचे। वीरपाल ने चारों के खिलाफ तहरीर दी। इस बीच दोनों पक्षों के लोग वहां एकजुट होने लगे। पुलिस स्टाफ ने सूचना दी तो शाही थाने से एसओ जसवीर सिंह फोर्स लेकर पहुंच गए। बताते हैं कि पुलिस ने बाकी लोगों को बाहर करके वीरपाल को चौकी के अंदर कर लिया। इस बीच जाने क्या बात हुई कि वीरपाल ने फैसलानामा लिख दिया। हमलावर पक्ष के ही कुछ परिचित उसको इलाज कराने साथ ले गए। इस बीच गांव के एक पक्ष में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
वर्जन
ग्रामीणों की आपसी मारपीट का मामला था जो उनकी रजामंदी से सुलझ गया। जब कोई कार्रवाई नहीं चाहता तो पुलिस क्या करे। गांव का माहौल पूरी तरह शांत है। - जसवीर सिंह, एसओ शाही