गुस्से की आग में एक और युवा ने अपनी जिंदगी मिटा दी। बात बस इतनी थी कि उसे वक्त पर चाय नहीं मिल सकी थी। उसने कुछ देर मां को पुकारा लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिल तो तमंचा निकालकर लाया और सड़क पर खुद को गोली से उड़ा दिया। पूरे इलाके में इस आत्महत्या के मामूली वजह पर चर्चा होती रही। घर में कोहराम मचा हुआ है।
सुभाषनगर इलाके के सिठौरा गांव का रहने वाला 20 साल का श्याम गिरि बटलर प्लाजा में एक कंप्यूटर की दुकान पर नौकरी करता था। सोमवार सुबह सात बजे वह सो कर उठा। घर में चाय नहीं बनी थी। मां चंद्रवती दुकान पर नाश्ते के लिए बिस्कुट लेने गई थी। इसी दौरान श्याम गिरि ने चाय न बनने पर हंगामा किया तो दुकान से लौटी मां ने उसे डांट दिया। मां की डांट युवक बर्दाश्त नहीं कर सका। तमंचा लेकर घर से निकला और बाहर सड़क पर कनपटी से सटाकर गोली मार ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर बाहर निकला भाई नरेश गिरि घबरा गया कुछ देर में ही मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस ने तमंचा सील कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया।
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पहले से ही अवसाद में रहा होगा युवक
देरी से चाय न मिलना इतनी बड़ी वजह नहीं कि इससे कोई खुदकुशी कर ले। युवक किसी वजह से पहले ही अवसाद में रहा होगा। जिससे उसकी भावनाएं बेहद आहत हुई होंगी, तभी उसने खुदकुशी का कदम उठाया। ऐसे में परिवार वालों को चाहिए बच्चे के अवसाद की प्राथमिक स्थिति में जाने पर तुरंत उसका इलाज कराएं। उससे लगातार संपर्क में रहे, उसे अकेलेपन का एहसास न होने दें। अगर वह किसी बात से नाराज है तो उस वजह का पता कर समाधान करें। डिप्रेशन में आने पर ही कोई खुदकुशी का कदम उठाता है। ऐसे किस्से अधिकतर प्रेम प्रसंग में तनाव होने पर होते हैं।
-डॉ.सुविधा शर्मा, मनोवैज्ञानिक