मजदूरी मांगने पर दंपति को मारते वक्त प्रसूता के पेट पर लगी लात का नतीजा नवजात की मौत के रूप में सामने आया। पखवाड़े भर पहले हुई मारपीट के मामले में एनसीआर दर्ज करके बैठ गई पुलिस अब उसी को मुकदमे में तरमीम करेगी। आरोपी फरार हो गए हैं।
भमोरा के नवदिया गांव निवासी प्रमोद की पत्नी नन्ही देवी की डिलीवरी शुक्रवार को भमोरा सीएचसी पर हुई। जन्म के पंद्रह मिनट बाद नवजात बेटे की मौत हो गई। तब प्रमोद ने पुलिस को सूचना दी और बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसमें मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व कर दिया गया। प्रमोद ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है। उसके सजातीय पड़ोसी भजनलाल और उनके पांच पुत्रों का गांव में आतंक है। वह 26 अप्रैल को उनसे अपनी मजदूरी मांगने गया तो उन्होंने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। उसकी मां सोनवती और पत्नी नन्ही बचाने आईं तो उन्हें भी पीटा। नन्ही आठ माह की गर्भवती थी, उसी दिन से उसकी तबियत बिगड़ गई। घटना वाले दिन सोनवती ने भजनलाल के चार बेटों छोटेलाल, गुड्डू, पप्पू और महेंद्र के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने एनसीआर दर्ज करके छोड़ दी। दबंग खुलेआम कहते हैं कि कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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मारपीट के वक्त एनसीआर दर्ज की गई। चूंकि मेडिकल में किसी को कोई चोट नहीं मिली तो मुकदमे का आधार नहीं बना। अब एनसीआर को मुकदमे में तरमीम करके कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश जारी है।- राकेश यादव, एसओ भमोरा
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डॉ. अजमेर सिंह ने स्टाफ के साथ डिलीवरी की थी। गंभीर स्थिति थी तो घरवाले पहले बताते। हम प्रसूता को जिला अस्पताल भेजकर अल्ट्रासाउंड व जरूरी जांचें करा लेते। तब शायद बच्चा बच जाता।- डॉ. अजय कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी भमोरा