इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया कलां निवासी मो. रजा अपने बीवी-बच्चों के साथ शनिवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका आरोप था कि दो चाचाओं ने उनकी जमीन धोखाधड़ी से अपने नाम करके बेच दी। रजा ने यह जमीन उसे दिलाने, प्रकरण की जांच होने तक सूरी कलर लैब वालों के नाम दाखिल खारिज न करने, इस संबंध में दायर मुकदमे की सुनवाई पूरी होने देने अथवा परिवार समेत मरने की इजाजत देने की मांग करते हुए वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारी को पत्र सौंपा। अधिकारी ने प्रकरण कोर्ट में लंबित होने के चलते इस मामले में कुछ भी करने में असमर्थता जताई तो वह कलेक्ट्रेट गेट पर ही बैठ गए और बाद में पुलिस ने उन्हें कोर्ट में सुनवाई वाली तिथि तक धैर्य रखने को कहा। बाद में वे डीएम कैंप कार्यालय गए और अपनी पीड़ा बयान करते हुए लिखित ब्योरा दिया।
मो. रजा के अनुसार उनके दादा रहीम खां के नाम छह बीघा जमीन नगरिया कलां गांव में थी। वर्ष 1983 में दादा की मौत हो गई तो दो चाचाओं ने इनके हिस्से की जमीन अपने नाम करा ली। हालांकि तब यह अपने हिस्से की जमीन जोत रहे थे तो धोखाधड़ी का पता नहीं चला। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब गत जनवरी में दोनों चाचा और उनके बेटों ने जमीन बेच दी। दो फरवरी को सूरी कलर लैब के मालिक के हक में जमीन का बैनामा भी हो गया। उसका आरोप था कि बैनामा कराने वालों की ओर से अपहरण करने की कोशिश भी हुई एवं जीते जी गायब कराने की धमकियां भी मिल रही हैं। मो. रजा के अनुसार, तब से थाने पर, डीएम और एसएसपी के यहां जन सुनवाई में एवं तहसील दिवस पर शिकायत की गई। स्थानीय लेखपाल भी पूरे प्रकरण से वाकिफ हैं। प्रकरण संबंधी मुकदमा नायब तहसीलदार भोजीपुरा के कोर्ट में चल रहा है और छह मई को तारीख भी है। डीएम को दिए पत्र में इन्होंने अपनी जमीन न होने की सूरत में मरने की इजाजत देने, मौत के बाद लाशों का पोस्टमार्टम न कराने और इस पर सियासत न करने बल्कि खामोशी से बाप - दादा की जमीन में दफन होने देने की गुहार की है।
पूरी कीमत चुकाकर खरीदी जमीन
सूरी कलर लैब के मालिक राजीव सूरी ने कहा कि तहसील का 20 साला रिकार्ड दिखवाकर उन्होंने यह जमीन एक कंपनी के नाम अपने परिचितों के साथ मिलकर पूरी कीमत चुकाकर खरीदी है। उन्होंने कहा कि मो. रजा के साथ उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है और ऐसे किसी कृत्य से उनका कोई वास्ता नहीं है।