जंक्शन के पूछताछ काउंटर के पास से शुक्रवार दोपहर पांच साल के बच्चे को अगवा करने की कोशिश की गई। लोगों ने मां की गोद से बच्चा छीनकर भागे आरोपी की पिटाई करके उसे जीआरपी को सौंप दिया। मुकदमा दर्ज कर जीआरपी आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि का पता लगा रही है।
देवचरा निवासी गल्ला व्यवसायी रामगोपाल गुप्ता अपनी पत्नी कृष्णा देवी और पांच साल के पुत्र राधारमण के साथ भगवान राम जन्मभूमि दर्शन को अयोध्या जा रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे ट्रेन का टाइम पता करने को यह लोग पूछताछ काउंटर के पास आए। रामगोपाल काउंटर पर बात कर रहे थे और कृष्णादेवी पीछे गोद में बच्चे को लिए खड़ी थीं। इसी बीच लाल शर्ट पहने एक व्यक्ति ने कृष्णा की गोद से बच्चा छीन लिया और बाहर की ओर भागने लगा। कृष्णा के चिल्लाने पर रामगोपाल भी शोर मचाते हुए इसके पीछे भागे। माजरा समझकर दूसरे यात्री भी दौड़ पड़े। लोगों ने कुछ ही दूरी पर आरोपी को पकड़ लिया और पीटने लगे। मौके पर पहुंचा जीआरपी स्टाफ आरोपी को जीआरपी थाने ले गया। प्रभारी एसओ दुर्गा सिंह ने पूछताछ की तो आरोपी ने अपना नाम ज्ञान सिंह बताया। वह कासगंज जिले की सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव होडलपुर का निवासी है। रामगोपाल की तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जीआरपी ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। उससे पूछताछ की जा रही है। जीआरपी शनिवार को उसे जेल भेजेगी। एसओ ने बताया कि नाम पता तस्दीक करने के साथ ही आरोपी के क्राइम रिकार्ड की जानकारी भी कराई जा रही है।
बीस हजार रुपये लेता फिरौती में
आरोपी ज्ञान सिंह के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह अभ्यस्त अपराधी सरीखा लग रहा था पर उसकी बातें अजीबोगरीब थीं। जब उससे पूछा गया कि वह बच्चे का अपहरण क्यों कर रहा था तो उसने कहा कि बदले में बीस हजार रुपये ले लेता। सिर्फ बीस हजार से क्या करता? सवाल पर बोला कि दाल रोटी का जुगाड़ चल जाता।