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अभी शादी नहीं करनी, मुझे पढ़ने दो

Sat, 28 Mar 2015 01:29 AM IST
बरेली
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बदायूं की एक छात्रा की अर्जी पर डीआईजी इतने द्रवित हुए कि उन्होंने उसके घर वालों को यह समझाने उसके घर पुलिस भेज दी कि इस बच्ची को परेशान न करें, पढ़ना चाहती है तो उसे पढ़ने दें। एमकॉम की इस छात्रा ने डीआईजी से कहा था कि उसके घर के हालात  कमजोर हैं। पापा-मम्मी दोनों ही बीमार हैं। इसके बावजूद वह पढ़कर लिखकर आगे बढ़ना चाहती है। पापा अब उसकी शादी करना चाहते हैं। एमकॉम के बाद भी नौकरी का भरोसा नहीं इसलिए वह नर्सिंग कोर्स करके अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। उसने डीआईजी से गुहार लगाई कि वे उसके पापा से उस पर शादी के लिए दबाव न डालने को कहें। डीआईजी ने छात्रा का मामला एसएसपी बदायूं को खुद देखने को कहा है। उन्हें बताया कि छात्रा बालिग है और उसे अपने हिसाब से जीने का हक है, इसलिए उसे कोई परेशान नहीं करेगा। उन्होंने परिवार वालों को बुलाकर बात करके मसला सुलझाने के निर्देश दिए थे।
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छात्रा ने बताया कि तीन बहन-भाइयों में वह सबसे बड़ी है। पापा उसके आगे पढ़ाई करने से सहमत नहीं हैं। वह उसकी शादी करना चाहते हैं। विरोध करने पर पापा ने उस पर हाथ भी उठा दिया तो वह बरेली में आकर रहने लगी। यहां वह अपनी सहेली के साथ छात्रावास में रह रही है।  घर वाले अब भी वह उस पर शादी करने का दबाव बना रहे हैं । वह नर्सिंग कोर्स करके अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। छात्रा ने बताया कि बैंक में एजूकेशन लोन के लिए उसकी बात हो गई है। पढ़ने के लिए कहीं नौकरी भी कर लेगी। इस साल वह बदायूं के डिग्री कॉलेज से एमकॉम कर रही है। अप्रैल में नर्सिंग कॉलेज में एडमीशन लेना है।  एसएसपी बदायूं ने डीआईजी के निर्देश पर  शहर कोतवाल को संदेश भेजा। कोतवाली के दरोगा ने बताया कि वह लड़की के घर गया था। लड़की के पिता तो नहीं मिले लेकिन बाकी परिवार वालों को समझा दिया गया है।  
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