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बाइक चोरी की छानबीन में बच्चा चोरी का राज खुला

Thu, 26 Mar 2015 01:30 AM IST
बरेली
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सुभाषनगर पुलिस ने जिस युवक को अमानत में खयानत के मामूली से मामले में पकड़ा, उससे पूछताछ की तो उसने गाजियाबाद में रह रहे अलीगढ़ के एक दंपति का तीन महीने के एक बच्चा चुराकर नवाबगंज में बेचने का राज उगल दिया। पुलिस ने बच्चे को अपने कब्जे में लेकर गाजियाबाद पुलिस को सूचना दे दी है। बच्चे के मां-बाप गाजियाबाद से बरेली के लिए चल दिए हैं।
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सुभाषनगर के गांव महेशपुरा ठाकुरान निवासी बुधपाल की बाइक तीन दिसंबर 2012 को पड़ोस के गांव मिलक रोंधी निवासी गिरीश मांगकर ले गया और वापस नहीं दी। आठ जनवरी 2013 को बुधपाल ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी तो वह गाजियाबाद भाग गया। बुधवार को सुभाषनगर पुलिस ने उसे रामलीला ग्राउंड के पास पकड़ लिया। सीओ द्वितीय मुकुल द्विवेदी ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर गिरीश ने बताया कि वह बाइक हड़पने की रिपोर्ट दर्ज होने पर गाजियाबाद चला गया था और वहां विजयनगर थाना क्षेत्र के बहराम मंगल बाजार में किराए पर रहने लगा। पड़ोस में अलीगढ़ के गौलारा गांव के पंकज जाटव और उसकी पत्नी सोनम रहते थे। सात महीने पहले वह इस दंपति के तीन महीने के बच्चे अभिषेक को चुराकर भाग आया। बाद में उसे उसने नवाबगंज निवासी इस्राइल को 15 हजार रुपये में बेच दिया। बच्चा चोरी की रिपोर्ट थाना विजयनगर में दर्ज हुई। सुभाषनगर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इस्राइल के घर से बच्चे को बरामद कर गाजियाबाद पुलिस को सूचना दे दी है। सीओ ने बताया कि बच्चे के मां बाप का पता लगने तक उसे इस्राइल की ही सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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दूसरे संप्रदाय की युवती को दिया धोखा
गाजियाबाद से बच्चे का अपहरण करने के बाद गिरीश नवाबगंज भाग आया था। बच्चा बेचने के बाद यहां उसकी मुलाकात एक दूसरे संप्रदाय की युवती से हुई जिसके पिता खत्म हो चुके थे। गिरीश ने उसे खुद को भी उसी के संप्रदाय का बताया और साथ रख लिया। युवती उसके जाल में फंसने के बाद निकल नहीं पाई।
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बच्चे के अपहरण का जुर्म कबूल
गिरीश ने बच्चे का अपहरण करने का जुर्म कबूल करते हुए कहा कि बच्चे की मां से उसकी अच्छी जान पहचान हो गई थी। वह अक्सर उसके बच्चे को खिलाता रहता था। सात महीने पहले उसकी मां के विश्वास का फायदा उठाकर वह बच्चे को उठाकर ले आया था। इसके बाद उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस उसके मिलक रोंधी गांव में भी आई थी। यहां वह नहीं मिला तो उसके भाई को उठा ले गई लेकिन उसे बेकसूर पाया तो छोड़ दिया।

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15 हजार में हुआ सौदा, स्टांप पर हुई लिखा-पढ़त
इस्राइल के परिवार की खुशियों पर पानी फिरा
नवाबगंज। तीन बेटियों के बाद बेटे के लिए ललक रहे इस्राइल के परिवार ने 15 हजार में बच्चा खरीदने जैसा गुनाह कर डाला। इसकी वजह से उसके परिवार को पुलिस के हाथों जलालत का भी शिकार होना पड़ा। वह बेटा भी चला गया जिसे वे सात महीने से अपने जिगर का टुकड़ा बनाए हुए थे। नई बस्ती पश्चिमी निवासी इस्राइल की मुलाकात सात महीने पहले झाड़ फूंक करने वाले सूफी कुरबान मियां के यहां गिरीश से हुई थी। उसकी गोद में तीन महीने का बच्चा भूख से तड़प रहा था। गिरीश ने बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। उसके तीन-चार बच्चे हैं। वह उस मासूम को पाल नहीं पा रहा है। मियां की मांजूदगी में इस्राइल ने बच्चे को 15 हजार रुपए में खरीद लिया जिसकी स्टांप पर लिखा-पढ़ी भी कराई गई। बच्चा घर में आते ही इस्राइल की पत्नी नन्ही और बेटियों जीनत, मीनत और सीनत में खुशी की लहर दौड़ गई। कुछ ही दिनों बाद नन्ही ने बच्चे को दूध पिलाने के लिए पति से जिद कर एक भैंस तक खरीदवा डाली। दो महीने पहले बच्चे का नाम हुमैर रखकर उसका खतना कराया गया और बस्ती में दावत भी की गई। बुधवार को अचानक सुभाषनगर पुलिस घर पहुंची और इस्राइल के परिवार की सारी खुशियाें पर पानी फिर गया। बच्चे को तो साथ ले ही गई, इस्राइल को भी हिरासत में ले लिया। अब घर में मातम छाया हुआ है। रोते हुए नन्हीं ने कहा कि उन्होंने तो बच्चे को पालकर उसकी जान बचाई, इसमें उनका क्या कसूर है।
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