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पुलिस के हाथ से निकल गए छैमार

Sun, 22 Mar 2015 01:04 AM IST
बरेली
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सुरेश शर्मा नगर के ट्रिपल मर्डर केस में वांछित इमानी छैमार हसीन गैंग के दो शातिर बदमाश जुलकान और शंकर उर्फ फहीम पुलिस को चमका देकर फरार हो गए हैं। उनके मोबाइल स्विच ऑफ हैं। वह रामपुर के कैमरी कस्बे में स्थित अपने डेरों में भेष बदलकर रह रहे थे। बड़ा बाईपास पर बिलवा पुल से फरार पठान उर्फ खान और सोनू उर्फ फौलाद भी हसीन छैमार की रिश्तेदार है। शाहजहांपुर जेल में से भी उनके बारे में जानकारी की जा रही है।
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आईजी विजय सिंह मीना ने जुलकान, शंकर पर घोषित पांच हजार रुपये के इनाम को बढा़कर 12-12 हजार रुपये कर दिया है। बिलवा पुल के भागे बदमाश पठान उर्फ खान और सोनू पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके बाद से एसटीएफ भी उनके पीछे लग गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जुलकान और शंकर दोनों साथ-साथ हैं। वह सुरेश शर्मा नगर के ट्रिपल मर्डर केस के बाद रामपुर के कैमरी में खुलेआम घूम रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए कोशिश ही नहीं की। शुक्रवार को पुलिस उन्हें तलाशने के लिए पहुंची तो वह निकल गए। मूलरूप से हसीन छैमार का यह परिवार पीलीभीत के जहानाबाद थाने के भिलाई पसियापुर गांव का रहने वाला है, लेकिन वे डेरे के साथ नाम पता बदलकर जेल जाते रहते हैं। 27 फरवरी को एसटीएफ की बरेली इकाई ने भिलाई के रहने वाले मैजिस को जेल भेजा था। मैजिस की पत्नी फहीम के साथ ही रह रही है। सहारनपुर का गंगौह गांव छैमारों का गढ़ कहा जाता है। संभल, मुरादाबाद का भोजीपुरा, शाहजहांपुर का निगोही, सेहरामऊ दक्षिणी का पसगवां गांव, पीलीभीत के जहानाबाद इलाके में भी घुमंतू जाति के लोग रहते हैं। हिमाचल को भी घुमंतूओं के अपना ठिकाना बना रखा है। गर्मी के दिनों में पानी की वजह यह लोग नदी किनारे डेरा डालकर रहने लगते हैं। वहां छिपने का भी इंतजाम रहता है। हाथरस का कुछ इलाका भी छुमंतुओं की शरण स्थली बना रहता है। बरेली में छैमारों का आना-जाना लगा रहता है। पुलिस ने घुमंतू जाति को लोगों को डाटा तो जुटा लिया है, लेकिन पकड़ में अभी तक कोई नहीं आया है।
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