बारादरी पुलिस की जल्दबाजी ने तमिलनाडु पुलिस का मिशन ककराला फेल कर दिया। तमिलनाडु के गुरु पर्व पल्ली जिला किशनगिरी से बैंक काटकर 48 किलो सोना चोरी करके लाए दो सगे भाई बरेली की पीलीभीत बाईपास स्थित कॉलोनी में किराए पर रह रहे थे। बारादरी पुलिस को सूचना मिली तो सिपाही उनकी तलाश में पहुंच गए। इसके बाद से वह दोनों भाई गायब हैं। इस मामले में बदायूं के थाना बिनावर के चंदपुर गांव के अबरार हुसैन के पकड़े जाने के बाद तमिलनाडु पुलिस को अभी छह लोगों की तलाश है।
जिला बदायूं के थाना अलापुर के ककराला कस्बा अपराध की दुनिया में पूरे देश में बदनाम है। इसी साल ककराला के साजिद और सादिक पुत्र करामत अपने गैंग के साथ तमिलनाडु के थाना गुरु पर्व पल्ली, जिला किशनगिरी से बैंक काटकर 48 किलो सोना चोरी कर लाए। उनके गैंग में ककराला के फहीम, मुस्लिम, लईक अली, बेहटा डम्बर नगला थाना कादरचौक का अनवर और चंदरपुर का अबरार हुसैन शामिल थे। गैंग के लोगों के नाम सामने आने पर पिछले पंद्रह दिन से तमिलनाडु पुलिस ने बरेली में कैंप कर रखा है लेकिन उन्हें अबरार के अलावा अभी तक कोई नहीं मिला है। आरोपियों को शरण देने के आरोप में तमिलनाडु पुलिस ने एक शिक्षक को उठा लिया था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। तमिलनाडु पुलिस सादिक और साजिद और उनके गैंग के साथियों की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन उनका सुराग नहीं लग पा रहा है। बदायूं में भी तमिलनाडु पुलिस की टीम छापामारी कर आई है। आला अफसरों का दबाव इतना है कि सादिक गैंग के सभी सदस्यों के रिश्तेदारों की सूची तैयार करके पुलिस काम कर रही है। सीओ तृतीय असित श्रीवास्तव ने बताया कि तमिलनाडु पुलिस के आने की सूचना तो मिली थी, लेकिन वह लोकल पुलिस के ज्यादा बातें शेयर नहीं कर रहे हैं। उनकी अपनी टीम है, जरूरत पड़ने पर ही मदद लेते हैं। इससे ज्यादा उन्हें कोई जानकारी नहीं है।