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गले में रस्सी का फंदा कसके चौकीदार की हत्या

Thu, 19 Mar 2015 01:24 AM IST
बरेली
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कर्मचारी नगर में मंगलवार रात एक चौकीदार की गले में रस्सी का फंदा कसके बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह उसका शव चारपाई पर पड़ा पाया गया। कमरे से दो संदूक भी हत्यारे लूट ले गए। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। गले पर रस्सी के फंदे के साथ नाखून के भी निशान पाए गए हैं। पुलिस हत्या की वजह तलाशने में लगी है।
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मूलरूप से जहानाबाद (पीलीभीत) के गांव निजामडांडी निवासी 60 वर्षीय तुलाराम 10 सालों से बिल्डर योगेश पटेल के कर्मचारी नगर में चौकीदार था। वह कॉलोनी के गेट पर टिन शेड के नीचे बने कमरे में रहता था। बराबर वाले ही कमरे में आधार कार्ड का शिविर चल रहा है। मंगलवार रात कॉलोनी का मुख्य गेट बंद था। बदमाश दीवार फांदकर अंदर आए और कमरे में सो रहे तुलाराम की गले में रस्सी का फंदा डालकर कस दिया। उसकी मौत हो गई। गले में बेरहमी से रस्सी कसने से खून तक निकल आया। बुधवार सुबह सात बजे पड़ोस के ही लक्ष्मी गौटिया में रहने वाला रिक्शा चालक राजू तुलाराम के कमरे के बाहर खड़ा अपना रिक्शा लेने पहुंचा। आवाज देने पर तुलाराम का जवाब नहीं आया तो राजू ने अपने पड़ोसी सूरजपाल और उसकी पत्नी चंद्रकली को बुलाया। तीनों ने अंदर जाकर देखा तो दरवाजा खुला था और तुलाराम का शव चारपाई पर पड़ा था। बाद में पता चला कि कमरे से दो संदूक भी गायब हैं। पोस्टमार्टम में तुलाराम की हत्या गला घोंटकर किए जाने की पुष्टि हुई। गला दबाते हुए नाखून भी मारे गए और फंदे से इस तरह गला कसा गया कि उसके गले से खून बह रहा था। हत्या क्यों और किसने की अभी पुलिस इसका पता नहीं लगा सकी है। एसओ कमल सिंह यादव ने बताया कि पहले परिवार के लोग पोस्टमार्टम कराने को ही तैयार नहीं थे। उनके जोर देने पर पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद छानबीन शुरू कर दी गई है।
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अंटी में मिले 13 हजार रुपये
तुलाराम अविवाहित थे और जो भी तनख्वाह वह पाते थे वह जोड़बटोर कर रखते थे। कुछ पैसा वह जरूरतमंदों को भी देते थे। आसपास के दो लोगों को उन्होंने दस दस हजार रुपया उधार दिया था, इसकी पुष्टि जांच में हुई है। पुलिस अन्य बकाएदारों का भी पता लगा रही है। पड़ोस के लक्ष्मी गौटिया निवासी सूरज पाल ने बताया कि तुलाराम उनके नाना लगते थे। उनके घर से ही वह दिन में चार रोटी और दाल सब्जी ले जाते थे। वह दो रोटी दोपहर और दो शाम को खाते थे। मंगलवार को भी तुलाराम चार रोटी ले गए थे। दो दोपहर में खा ली और दो शाम को सब्जी से खाई।
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मारने के बाद मुंह ढक गए हत्यारे
तुलाराम की हत्या करने के बाद हत्यारे चादर से उनका मुंह ढक गए। सुबह जब आसपास के लोग पहुंचे तो उन्होंने चादर मुंह से हटाई तो पता चला कि तुलाराम की हत्या कर दी गई है।
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कोई अपना न होने पर गैरों को अपना बनाते थे तुलाराम
तुलाराम करीब बारह साल पहले अपना गांव छोड़ आए थे। वह अविवाहित थे और यहां न ही कोई उनका अपना था। इसलिए कोई भी अंजान उनके पास पहुंचकर उन्हें नाना बोल देता था तो उन्हें उससे अपनेपन का एहसास होता था और वह उसे अपने पास बैठा लेते थे। कोई भी उन्हें आवाज देता था, तो वह तुरंत दरवाजा खोल देते थे। इसी सीधेपन का फायदा उठाते हुए किसी ने उनकी जान ले ली।
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