मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद कचहरी में पेशी के दौरान कुख्यात अपराधियों की गोली मारकर हत्या की घटनाओं के बाद प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि बरेली सहित प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह के अपराधियों को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर ही जेल से बाहर ले जाया जाए। डीएम और एसएसपी अपने-अपने जिलों में चिह्नांकित करेंगे कि उनके यहां कौन से अपराधी ऐसे हैं जिनकी जान को खतरा है और गैंगवार के कारण हमला होने की आशंका है।
प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा ने इस बारे में डीएम और एसएसपी को जारी कि ए आदेश में कहा है कि यूपी में इस तरह की घटनाओं से पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। भविष्य में पुलिस की छवि सुधारने और कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुख्यात अपराधियों के बारे में खुफिया तंत्र मजबूत किया जाए। कचहरी परिसर में जहां पुलिस चौकी नहीं हैं, वहां पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस पुलिस कर्मियों को तैनात करते हुए चौकी स्थापित की जाएं। पीएसी पिकेट को भी अत्याधुनिक हथियार दिए जाएं। कचहरी परिसर में डीएम और एसएसपी संयुक्त रूप से पंद्रह दिन के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी करें।
बताते हैं कि गैंगवार में मारे गए बंदियों के परिजनों ने मानवाधिकार आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट में न्याय की गुहार की थी। मानवाधिकार आयोग और सुप्रीम कोर्ट कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने बंदियों और कचहरी के सुरक्षा इंतजामों के बारे में इस तरह के आदेश जारी किए हैं।