कारोबारी सोहराब अली ने डीआईजी को बताया कि तीन जनवरी को करीब 12 लाख रुपये के जेवर पालिश करने के बाद उन्होंने नौकर फुरकान को आलमगीरीगंज के दुकानदारों को देने के लिए भेजा था। आरोप है कि वह तिलहर (शाहजहांपुर) स्थित अपनी ससुराल पहुंच गया। फोन करने पर पत्नी की तबियत खराब होने का बहाना बनाया और दो दिन में जेवर पहुंचाने का वादा किया। चार दिन बाद फोन करने पर जेवर भरा थैला खो जाने की बात कही। बार-बार फोन करने पर वह 12 जनवरी को अपने भाई और पत्नी को लेकर आया और जमीन बेचकर रुपये देने की बात कही। 13 जनवरी को 50 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट लिखवा दिया। बाद में पता किया तो जानकारी हुई कि उसके पास जमीन ही नहीं है। महताब का आरोप है कि फुरकान ने जेवर हड़प लिया है। दुकानदार उससे जेवर मांग रहे हैं।