आम लोगों की तो बात छोड़िए, थानों में कमिश्नर के यहां से भेजी गई फरियादों को भी थानेदार रद्दी की टोकरी में डाल रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि जिले के नौ थानों में ऐसा ही हाल है। इन नौ थानेदारों ने इन शिकायतों का निस्तारण तो दूर, कोई गौर ही नहीं किया। एसपी देहात ने इन थानेदारों को चेतावनी देते हुए उन्हें सात फरवरी को तलब किया है।
पिछले साल कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी के निर्देश पर उनके कैंप कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया था। यहां फरियादियों से फोन पर प्राप्त शिकायतें संबंधित टिप्पणी के साथ सभी विभागों को भेजी जाती हैं। नियमानुसार विभागों को इन शिकायतों का निस्तारण कर कमिश्नर के कैंप कार्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजनी थी। पुलिस महकमे में इन शिकायतों के निस्तारण की सबसे खराब स्थिति पाई गई है। हालत यह है कि जो शिकायतें 31 दिसंबर से पहले कमिश्नर कार्यालय से थानों को भेजी गईं थी उनमें से तमाम शिकायतों का निस्तारण नहीं किया गया। ऐसे ज्यादातर मामले फरीदपुर, भोजीपुरा, बहेड़ी, शाही, देवरनिया, आंवला, भमोरा, भुता और फतेहगंज पश्चिमी थाने से संबंधित हैं। कमिश्नर कार्यालय से इस पर आपत्ति के बाद एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने इन सभी थानेदारों को चेताया है। उन्होंने थानेदारों से शीघ्र ही निस्तारण आख्या कमिश्नर के कैंप कार्यालय में भेजने और उन्हें भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सात फरवरी को दोपहर तीन बजे इन थानेदारों की बैठक बुलाई है।