फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अस्पताल में बदल गया बच्चा!

Thu, 22 Jan 2015 01:23 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कैंट सदर बाजार मदारी की पुलिया मोहल्ला निवासी होमगार्ड राकेश यादव की पुत्रवधू सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार सुबह करीब सात बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीमारदारी में राकेश की पत्नी मानवती और बेटा रिंकू भी थे। 8.35 बजे सीमा ने शिशु को जन्म दिया। मानवती ने बताया कि बच्चा होने पर स्टाफ ने बेटा होने की बधाई दी। स्टाफ के सफाई करने बच्चे को ले जाते समय उसने खुद देखा तो बेटा ही था। मिठाई के नाम पर स्टाफ ने छह सौ रुपये मांगे थे, उन्हें पांच सौ का नोट दिया। करीब साढ़े दस बजे मानवती अपने घर चली गईं। परिवार वालों के अनुसार बाद में सीमा को लेबर रूम से वार्ड में शिफ्ट किया गया। सीमा के अनुसार वार्ड में पहुंचने के बाद करीब तीन बजे उसने शिशु को देखा तो वह बेटी थी। उसने यह बात पति रिंकू को बताई। रिंकू ने रात में घर जाकर मानवती को यह सूचना दी। इस पर मानवती रात में ही अस्पताल गई। उसने स्टाफ से शिकायत की तो उन्होंने ड्यूटी बदल जाने का बहाना कर दिया, जिस पर वह खामोश हो गईं।
बुधवार सुबह मानवती ने दुबारा बच्चा बदलने की शिकायत की। मगर अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मानने को तैयार नहीं थे। इस पर मानवती ने हंगामा किया, जिससे भीड़ जमा हो गई। इसके बाद मानवती की ओर से उनके पति राकेश यादव ने शिकायत सीएमओ डॉक्टर विजय यादव से की। राकेश के मुताबिक सीएमओ ने बच्चा और प्रसूता दोनों का डीएनए टेस्ट कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

--
बच्चा बदलने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच एसीएमओ डॉ. मातादीन को दी गई है। जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। आरोप सही निकला तो कार्रवाई होगी। - डॉ. विजय यादव, सीएमओ

मैंने मामले जांच एमएस से कराई। उस वक्त एक आशा वर्कर लेबर रूम में थी। डॉक्टर और स्टाफ के साथ आशा के बयान भी लिए गए। उन्होंने बच्ची होना ही बताया। बच्चा बदलने का आरोप एकदम गलत है। - डॉ. स्नेहलता, सीएमएस महिला अस्पताल
--
एक आशा वर्कर द्वारा भर्ती कराई महिला के बच्ची हुई थी। बच्ची होने के बाद महिला और आशा वर्कर दोनों अस्पताल से चली गईं। आशा वर्कर के इशारे पर सीमा के बेटे को उस महिला की बेटी से बदल दिया गया।- राकेश यादव, प्रसूता के ससुर                       
विज्ञापन

पहले हो चुकी हैं बच्चा चोरी और बदलने की घटनाएं
बरेली। जिला महिला अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर पहले भी कई बार उंगलियां उठती रही हैं। कभी बच्चा चोरी होने पर तो कभी बच्चा बदलने को लेकर। बच्चों के चोरी होने की घटनाओं के मुकदमे भी कोतवाली में लिखाए गए थे लेकिन पुलिस खुलासा नहीं कर पाई। अस्पताल में बच्चा बदले जाने के मामले आरोपों तक ही सीमित रहे। मानवती की शिकायत पर प्रसूता और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाता है तो मामला स्पष्ट हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें