जीटीआई छात्रों के दो गुटों में हुए बवाल, पथराव और फायरिंग के मामले में पुलिस ने आईटीआई के प्रिंसिपल समेत 18 छात्रों के खिलाफ बलवा करने के आरोप का मुकदमा दर्ज किया है। एक पक्ष ने हॉस्टल में आग लगाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों मुकदमे दर्ज कर जांच में दो दरोगा लगाए हैं।
न्यू ईयर पार्टी में जबरन आने की बात पर शुरू हुए विवाद के चलते मंगलवार रात जीटीआई के छात्रों के दो गुट भिड़ गए थे। दोनों गुटों में जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी। संघर्ष में एक दर्जन छात्र घायल हो गए थे। गंभीर घायल दीपक, पवन, सौरभ, नीलेश, सतीश अभिषेक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को पुलिस ने एक पक्ष के मेकैनिकल तृतीय वर्ष के छात्र कैलाश कुमार की ओर से पवन दीक्षित, सतीश, नीलेश, सुमित, गोपाल दीक्षित, सौरभ, अखिलेश और दूसरे पक्ष के मेकैनिकल प्रोडक्शन द्वितीय वर्ष के छात्र अखिलेश की ओर से आईटीआई फरीदपुर के प्रिंसिपल राजवीर के अलावा छात्र अखिल गंगवार, कैलाश कुमार, देवेंद्र, अमन, अभिषेक, कमलेश, संजीव, सुनील आदि के खिलाफ एक राय होकर बलवा करने, हास्टल में आग लगाने की कोशिश करने के आरोप का मुकदमा दर्ज किया है। पहले पक्ष के कैलाश की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलावर छात्रों ने असलहों से लैस होकर न सिर्फ छात्रों की बंधक बनाकर पिटाई की, बल्कि हॉस्टल में आग लगाने की कोशिश भी की। जबकि दूसरे पक्ष के अखिलेश की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा कि छात्र सुनील और राजेश कोचिंग से आ रहे थे। तभी गेट पर खड़े कुछ लड़कों ने उनके साथ मारपीट की। लड़के सुनील को पकड़कर कमरे में ले गए और बंधक बनाकर पिटाई की। जब वह उसे छुड़ाने गए तो उन पर भी हमला कर दिया गया।
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हास्टल स्वामी की तहरीर लेकर रख ली
तीसरे पक्ष के हॉस्टल स्वामी दीपक ने भी हॉस्टल में असलहों से लैस होकर घुसकर हमला करने के आरोप की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने दीपक की तहरीर जांच करने की बात कहकर रख ली। कहा गया है कि जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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हॉस्टल पर पुलिस की पैनी नजर
जीटीआई छात्रों के दो गुटों में हुए बवाल के बाद पुलिस हॉस्टल पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं। छात्रों से मिलने आने वालों पर नजर रखी जा रही है। छात्रों की लड़ाई कहीं और तूल न पकड़ ले इसको लेकर पुलिस अलर्ट है।
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दो दरोगा लगाए गए जांच में
छात्र कैलाश की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच दरोगा कविंद्र मोहन गुप्ता को सौंपी गई है। जबकि दूसरे पक्ष के अखिलेश की ओर से दर्ज मुकदमे की जांच दरोगा रघुनंदन सिंह यादव द्वितीय को सौंपी गई है।