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पार्षद की कार का शीशा तोड़ने पर बवाल, पथराव

Mon, 11 Apr 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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कार तोड़ी
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थाना कोतवाली इलाके में दुकान के सामने खड़ी शाहबाद के पार्षद मोहम्मद कय्यूम उर्फ मुन्ना की कार का शीशा तोड़ने को लेकर बवाल हो गया। पार्षद के समर्थन में आए लोगों ने दुकान पर पथराव कर दिया। बाद में पता लगा कि दुकान भी सूर्य प्रकाश गुप्ता पार्षद की है। सूचना पर पार्षद कोतवाली पहुंच गए। कई घंटे पुलिस की मौजूदगी में ड्रामा चलने के बाद पार्षद मुन्ना और सूर्यप्रकाश गुप्ता दोनों ने ही गलती मानी। इसके बाद दोनों अपनी तहरीर वापस ले गए और समझौता हो गया।  
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रविवार की दोपहर दो बजे शाहबाद के पार्षद मोहम्मद कय्यूम उर्फ मुन्ना शमा होटल में खाना खाने के लिए आए थे। शमा होटल के बराबर में फैशन प्वाइंट के नाम से गढ़ी के पार्षद सूर्यप्रकाश गुप्ता की रेडीमेड की दुकान है। कार पार्किंग को लेकर शमा होटल वालों और पार्षद में टेंशन रहती है। मुन्ना सूर्यप्रकाश की दुकान के आगे कार खड़ी करने के बाद शमा होटल में चले गए। इसी बीच पार्षद की दुकान से उनका बेटा और कर्मचारी निकल आए। उन्होंने पार्षद मुन्ना की कार का शीशा तोड़ दिया। मुन्ना कार का शीशा टूटने पर शमा होटल के बाहर आकर हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि कार सड़क पर खड़ी थी। सड़क सरकारी है किसी की नहीं है। पार्षद हंगामा करते हुए कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने मामले में कार का शीशा तोड़ने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी। इससे पहले वह अपने इलाके  के लोगों को फोन कर चुके थे। पार्षद मुन्ना के समर्थकों ने सूर्य प्रकाश की दुकान पर पथराव कर दिया, लेकिन तब तक दुकान बंद हो चुकी थी। पथराव से दुकान का शटर कई जगह से टूट गया। हंगामा होते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। फिलहाल मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई। पहले मुन्ना और बाद में सूर्यप्रकाश गुप्ता ने भी दुकान पर पथराव करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी। घटना की सूचना पर सपा पार्षद दल के नेता राजेश कुमार अग्रवाल के साथ समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष पार्षद गौरव सक्सेना आदि कोतवाली पहुंच गए। पार्षद सूर्य प्रकाश गुप्ता, उनके भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता और मुन्ना के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पुलिस की मौजूदगी में कई घंटे तक ड्रामा चला। बाद में यह कहकर अपनी-अपनी तहरीर वापस ले ली कि गलती दोनों तरफ से हुई है। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि दोनों पार्षद समझौता लिखकर दे गए हैं। किसी को किसी से शिकायत नहीं है। उनका कहना है कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।  
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