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चलो यहां से, इस शहर में डर लगता है

Sat, 09 Apr 2016 01:22 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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बुजुगऱ्र्ग
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पिछले साल इसी दुर्गानगर में बुजुर्ग दम्पति की हत्या के बाद उनके बटे ने कहा था कि इससे तो वह विदेश में ही अच्छा है। अब दुर्गानगर कालोनी में तीन दिन चुटेरों के बंधक रहा पाठक परिवार शहर छोड़ने को तैयार है।  लुटेरों की कैद में रहे बुजुर्ग दंपति तो उस यातना को याद कर सिहर रहे हैं।  गैंग लीडर ने छूटने के बाद मार डालने की धमकी दी थी इसलिए उन्होंने तय किया है कि अब इस शहर में नहीं रहेंगे। देवी शंकर कहते हैं, जो तीन दिनों तक इस तरह बंधक बना सकता है वह कुछ भी कर सकता है। सब कुछ बेच  अब बेटे के पास जयपुर चले जाएंगे।  
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शुक्रवार को थाने में कागजी कार्रवाई के लिए पहुंचे देवी शंकर के चेहरे पर जानने की खुशी तो थी, पर दहशत को भाव भी उभर रहे थे। बोले जेल से छूटने के बाद लुटेरों ने जान से मारने की धमकी दी है। 5 अप्रैल को तड़के तीन बजे बदमाश उनके घर में घुस गए थे और पति पत्नी को बंधक बना लिया था। 64 वर्षीय रेलवे के रिटायर मैकेनिक देवीशंकर पाठक और उनकी पत्नी विमलेश पाठक के सिर पर मौत मंडराती रही। विमलेश तो इतनी दहशत में थीं कि वह कुछ खा पी भी नहीं रही थीं। बृहस्पतिवार की सुबह मोहल्ले वालों के शक होने पर गेट पर आकर देवीशंकर पाठक ने बंधक बनाने का इशारा करके बहादुरी का परिचय दिया।
 
जोगीनवादा के सराफ ने खरीदा था जेवर
बरेली। थाना बारादरी के ही मोहल्ला जोगीनवादा में महंत की चक्की के पास रहने वाले सराफ संजय रस्तोगी ने राहुल और उसकी मां आनंदी से देवीशंकर के घर से लूटा गया जेवर खरीदा था। पुलिस ने सराफ से घर से जेवर बरामद कर लिया है। सराफ का कहना है कि उसे यह पता नहीं था कि राहुल और उसकी मां चोरी का सोना बेचने आए हैं। 
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सनकी किस्म का  है राहुल
बुजुर्ग दंपति को घर में कैद करने वाले गैंग का लीडर राहुल गंगवार सनकी किस्म का युवक है। बात करने पर वह अपने ही परिवार की कहानी सुनाने लगता है। कहता है कि समाज में बुराईयां बढ़ रही हैं। नवाबगंज में मासूम को हवस का शिकार बना लिया गया। इसके अलावा और भी कई इसी तरह की वारदतें हुई है। उसका ऐसे सभी लोगों को सबक सिखाने का इरादा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।  उसने एक-एक करके सभी को सबक सिखाने की प्लानिंग कर ली थी। राहुल का कहना है कि जेल से छूटने के बाद वह गरीबों के लिए काम करेगा। साथ ही समाज में महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को सबक सिखाएगा। 

बोला- मौसी से ठुकरा दिया था
राहुल गंगवार ने बताया कि जब वह छह माह का था तो दुर्गानगर में रहने वाली मौसी अपने पास ले आई थी, लेकिन ईश्वर ने उसे बेटा दे दिया तो उसने राहुल को ठुकरा दिया।  राहुल बाद में किराए का मकान लेकर अलग रहने लगा। अकेलेपन और संजयनगर के माहौल के अलावा अपराध का साहित्य पढ़ने के बाद राहुल ने अपराध को अपना लिया। 

मां ने कर ली दूसरी शादी
राहुल के मां आनंदी और पिता राजेंद्र कुमार में तलाश हो चुकी है। आनंदी ने सुरेश शर्मा नगर में दूसरी शादी कर ली है। पति हास्पीटल में नौकरी करते हैं। राहुल का मां के पास आना-जाना लगा रहता है। पिता ने भी दूसरी शादी कर ली है। सोने का जेवर बिकवाने के लिए मां आनंदी भी राहुल से साथ सराफ के पास गई थी। पुलिस राहुल की मां को भी मुल्जिम बनाने की तैयारी कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं वह भी तो घटना में शामिल नहीं थी। 

पुलिस को सोनू की तलाश
पुलिस राहुल से साथी सोनू की भी तलाश कर रही है। सोने गोसाईं गौटिया का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि सोनू ने ही नाबालिग लुटेरे के जरिए संजय कुमार और चेतन अरोड़ा की राहुल से मुलाकात कराई थी। संजय और चेतन पैंट का काम करते थे। राहुल ने उन्हें 30-30 हजार रुपये का लालच दिया तो वह उसके साथ हो गए, लेकिन तीन दिन में सिर्फ दो-दो हजार रुपये ही मिल पाए। 
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