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सीओ ने छुड़वा दिए नशे के सौदागर

Thu, 21 Jan 2016 01:25 AM IST
बरेली
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बहेड़ी/बरेली। नशे के कारोबार के लिए बदनाम बहेड़ी कस्बे में बुधवार को दवा की दुकानों पर नशे के इंजेक्शन बेचने पहुंचे दो युवकों को दुकानदारों की सूचना पर पुलिस ने दबोच लिया लेकिन कुछ ही देर बाद सीओ प्रमोद यादव के कहने पर उन्हें बगैर कोई कार्रवाई किए थाने से छोड़ दिया गया। यह मामला खुलने के बाद सीओ ने सफाई दी कि दोनों युवकों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ओर से भेजा गया था ताकि तस्दीक की जा सके कि दवा की दुकानों पर नशे के इंजेक्शन तो बेचे-खरीदे नहीं जा रहे हैं। उन्हें छोड़ने के लिए पहले ज्वाइंट कमिश्नर ड्रग्स और फिर नारकोटिक्स विभाग से फोन आया था, लेकिन एफएसडीए के अफसरों ने यह कहकर सीओ को कठघरे में खड़ा कर दिया है कि न तो उनके महकमे की ओर से किसी को ऐसे किसी अभियान पर भेजा गया था, न विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर का कोई पद होता है। सबसे अहम बात यह कि पुलिस ने जिस व्यक्ति को नारकोटिक्स अफसर बताकर दोनों युवकों को उसके सुपुर्द किया, न उसका नाम बता पा रही है और न उसका पद।
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बहेड़ी कई सालों से नशे के कारोबार के लिए बदनाम है। नशे के इंजेक्शन लेने की लत से कस्बे में तमाम युवकों की मौत तक हो चुकी है। कुछ महीने पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान चलाकर कस्बे में बड़ी संख्या में नशे का इंजेक्शन बेचने वाले कई दुकानदारों और युवकों को पकड़ा था। इसी कारण बुधवार को मो. जावेद और मो. आसिफ नाम के दो युवक जब नशे के 20 इंजेक्शन लेकर बेचने दवा की दुकानों पर पहुंचे तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदाराें ने दोनों युवकों को रोककर पुलिस को सूचना दी। इस पर बहेड़ी के चौकी इंचार्ज सलाउद्दीन दोनों को पकड़कर थाने ले आए। दोनों युवकों ने बताया कि वे बरेली कैंट इलाके के गांव बुखारा के रहने वाले हैं।
बताया जाता है कि पुलिस के पास दोनों को छोड़ने के लिए कई सिफारिशें आईं। पुलिस ने उन्हें तो अनदेखा कर दिया लेकिन थोड़ी ही देर बाद सीओ प्रमोद यादव ने चौकी प्रभारी सलाउद्दीन को फोन कर दोनों युवकों को छोड़ने को कहा तो चौकी प्रभारी ने बिना कोई लिखापढ़ी किए उन्हें एक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया। पुलिस इस व्यक्ति को नारकोटिक्स का अधिकारी बता रही है, लेकिन न उसके नाम का खुलासा कर रही है न पद का। सूत्रों के अनुसार दोनों युवकों को छोड़ने के मामले में पुलिस ने थाने में ही सेटिंग की, उसके बाद उन्हें इज्जतनगर के एक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया गया।
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युवकों ने तो कुछ और बताया था  
पुलिस जो कहानी बता रही है, पकड़े गए युवकों ने उसके उलट कुछ और कहानी बयान की थी। ये युवक एक बैग में नशे के इंजेक्शनों के दो डिब्बे लेकर पहले बहेड़ी के नदेली रोड स्थित अंकुर मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। दुकानदार ने इंजेक्शन खरीदने से मना किया तो वे पास के सोलंकी मेडिकल स्टोर पर पहुंच गए। शक होने पर मेडिकल स्टोर वालों ने पुलिस को बुला लिया। दोनों के पास 20 इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में जावेद ने बताया कि उसने एक स्मैकिये से सिर्फ सौ रुपये में ये इंजेक्शन खरीदे थे। इसके बाद इन्हें बेचने मेडिकल स्टोर पर चले आए थे।

मेरे पास पहले ज्वाइंट कमिश्नर ड्रग्स और फिर नारकोटिक्स विभाग से फोन आया था। उन्होंने बताया कि इन युवकों को पड़ताल के लिए मेडिकल स्टोर भेजा गया था। इसी आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया। -प्रमोद यादव, सीओ बहेड़ी

सीओ साहब के आदेश पर मैंने उन्हें छोड़ा। मेरे पास नारकोटिक्स विभाग के एसके सिंह का भी फोन आया था लेकिन मैंने उन्हें बताया कि मामला सीओ साहब तक पहुंच गया है। एसके सिंह ने फिर भी देख लेने के लिए कहा था।  -सलाउद्दीन, चौकी प्रभारी बहेड़ी

इस तरह की छानबीन और धरपकड़ का हमारे विभाग का कोई अभियान नहीं चल रहा है। सहायक औषधि आयुक्त कार्यालय से भी पता किया, उनके यहां से भी ऐसा कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया था। -नवनीत, ड्रग इंस्पेक्टर, एफएसडीए
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