नवाबगंज। हाफिजगंज और नवाबगंज थाना क्षेत्रों के आधा दर्जन गांवों में इतने ही बदमाशों ने शनिवार रात धावा बोला। लूट का उनका तरीका अलग ही था। कहीं उन्होंने ग्रामीणों को बंधक बनाकर नकदी और जेवर लूट लिए। कहीं विरोध पर लोगों की पिटाई कर दी। कहीं गरीबी देखकर बिना लूटे निकल लिए तो कहीं माल न मिलने पर खाना ही खाकर चलते बने।
आधा दर्जन बदमाशों ने पहले थाना हाफिजगंज के ग्राम चंदुआ में रामचंद्र के घर को निशाना बनाया। बदमाशों ने रामचंद्र और उनकी पत्नी कृष्णा देवी को कपड़ों से बांध दिया। उनके घर से साढ़े पांच सौ रुपये और सोने के कुंडल लूटकर फरार हो गए। इन्हीं बदमाशों ने थाना नवाबगंज के ग्राम चुनुआ में सोहनलाल, पत्नी नन्ही देवी, पुत्रियां एकता, पूनम व कमलेश को दुपट्टों से बांध दिया। सोहनलाल की जेब से दो हजार रुपये, संदूक में रखे 14 हजार रुपये, टार्च और साड़ियां लूटकर फरार हो गए। विरोध किया तो लुटेरों ने नन्ही देवी को चांटा जड़ दिया। फिर लुटेरे चमरिया गांव में नेमचंद के घर घुसे। घरवालों को कब्जे में करके रुपये और जेवर मांगे। नेमचंद और पत्नी कन्यावती ने कहा कि उनके पास कुछ नहीं हैं। तब एक बदमाश घर में रखी साइकिल उठाने लगा तो उसके दूसरे साथी ने मना कर दिया। यहां से बदमाश खाली हाथ लौट गए। बदमाश इसी गांव के सत्यपाल के घर में घुसे, जहां उन्हें पांच सौ रुपये ही मिले।
लावाखेड़ा तालिब हुसैन गांव में बदमाशों ने बेगराज के दरवाजे पर दस्तक दी। अंदर सो रहे बेगराज से दरवाजा खोलने को कहा। दरवाजा न खुला तो बदमाश बाहर से कुंडी लगाकर भाग गए। बदमाश रमेश के घर में घुसे। वहां बदमाशों ने रमेश की पत्नी मीना से जेवर और रुपये मांगे। कुछ न मिला तो कहा कि खाना ही ले आओ। मीना ने कहा कि खुद खा लो तो बदमाशों ने रसोई में बना रखा सरसों का साग और चावल खाये और चले गए। लावाखेड़ा गौंटिया में बदमाशों ने नन्हेलाल को सोते समय दबोच लिया और उनके घर से तीन हजार रुपये, पायल तथा बर्तन लूट ले गए। रसूला तालिब हुसैन गांव के रामलाल की बैठक से टार्च ही ले गए।
एक ही रात में आधा दर्जन गांवों में हुई लूटपाट से क्षेत्र में सनसनी मच गई। पीड़ितों ने रविवार सुबह पुलिस को तहरीरें दीं। पुलिस ने जांच की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहीं दो थानों से जुड़े मामले में सीओ नवाबगंज नरेश कुमार ने घटना की जानकारी न होने की बात कही। बताया कि तहरीर आएगी तो रिपोर्ट जरूर दर्ज की जाएगी।