बरेली। करेली के बुजुर्ग दंपति के हत्यारोपी दामाद बुधसेन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने कबूल किया कि ससुर के मुकदमे की पैरवी करने पर ही उसने अपने भतीजे और एक साथी की मदद से हत्या की थी। समझौते की बात पर उससे अस्सी हजार रुपये की मांग की जाती थी। बुधसेन का कहना है कि वह सास को नहीं मारना चाहता था, लेकिन शोर मचाकर भागने पर गला रेतकर हत्या कर दी।
सुभाषनगर क्षेत्र के गांव करेली निवासी 55 वर्षीय मोहनलाल और उनकी 50 वर्षीय पत्नी सोमवती चार जनवरी की शाम खेत से लौट रहे थे। रास्ते में घेरकर मोहनलाल की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शोर मचाकर भागीं सोमवती को भी गला काटकर मार दिया गया था। मामले में मोहनलाल के दामाद बुधसेन निवासी ग्राम खितौता थाना भोजीपुरा, बभिया निवासी जगपाल आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। हत्यारोपी बुधसेन लालफाटक होेते हुए बदायूं भाग गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शनिवार सुबह पौने आठ बजे एसओ जेपी यादव, एसआई जावेद खां, एसआई राजीव वर्मा और कांस्टेबल आफताब की टीम ने घेराबंदी कर बुधसेन को महेशपुरा फाटक के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर खेत में छिपाया गया छुरा भी बरामद कर लिया गया। सीओ द्वितीय स्नेहलता ने बताया कि हत्यारोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसके साथी हेतराम और कल्लू की तलाश की जा रही है।
10-10 हजार में तैयार हो गए हेतराम और कल्लू
बुधसेन ने बताया कि वर्ष 2010 में कुछ लोगों ने हस्तक्षेप किया तो पत्नी को उसके साथ भेज दिया गया था। तब भी उससे दस हजार रुपये लिए गए थे। इसके बाद पत्नी फिर मायके चली गई और ससुर ने उस पर मुकदमा दर्ज करा दिया। समझौते के लिए उससे 80 हजार की मांग की जा रही थी। ससुर मामला निपटाने के बजाए पैरवी कर रहे थे। इसी से क्षुब्ध होकर उसने 15 दिन पहले चचेरे भाई हेतराम और गांव के ही कल्लू के साथ मिलकर ससुर मोहनलाल की हत्या की योजना बना डाली। उसने दोनों को काम होने के बाद 10-10 हजार रुपये देने की बात कही थी।
गलती हो गई पर पछतावा नहीं : बुधसेन
बुधसेन का कहना है कि वह गुस्से में आकर गलती कर बैठा। उसका कहना था कि जुनून में ऐसा हो जाता है, लेकिन उसे कोई पछतावा नहीं है।