बसपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सागर के भतीजे हर्षित सागर समेत पांच लोगों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में दूसरी बिरादरी की लड़की का अपहरण कर ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस दबिश देने गई तो आरोपी और उसके परिवार वाला कोई नहीं मिला। वे वाले घर में ताला लगाकर फरार हो गए हैं। प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि आरोपियों की लोकेशन का पता लगवाया जा रहा है।
कोतवाली इलाके के बड़े स्वीट हाउस के मैनेजर की 21 वर्षीय बेटी आठ जून को दोपहर दो बजे घर से स्कूटी लेकर प्रेमनगर से सामान लाने को कहकर निकली थी। इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। उनकी बेटी को बानखाना में रहने वाला हर्षित सागर फोन पर और आते जाते परेशान करता था। हर्षित का मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। उन्हें पूरा यकीन है कि हर्षित सागर, उसके पिता राजेंद्र सागर, मां, भाई और बहन उनकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं। हर्षित सागर ने 20 मई को उनकी बेटी को उठा ले जाने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने लड़की के पिता की तहरीर पर हर्षित सागर और उसके परिवार वालों के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बानखाना में दबिश दी, लेकिन घर में ताले लटके मिले। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह पता नहीं लगा है कि दोनों कहां है।
हर्षित सागर उनका तहेरे भाई का लड़का है। उसका हर्षित के परिवार से ज्यादा लेना-देना नहीं रहता है। हमारे आगे भी लड़कियां हैं। उसने जैसा किया है वैसा भरेगा-नरेंद्र सागर, बसपा जिलाध्यक्ष