फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोरी की गईं बाइक वाया पीलीभीत जाती हैं नेपाल 

Thu, 26 Apr 2018 07:31 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
bike lifters
विज्ञापन
जनपद में सक्रिय अंतर जनपदीय ऑटो लिफ्टर गिरोह को पकड़कर बारादरी पुलिस ने चोरी होने वाली बाइक के वाया पीलीभीत नेपाल कनेक्शन का पर्दाफाश किया है। व्यस्त बाजार, मॉल और अस्पतालों के बाहर से चोरी होने वाली सैकड़ों बाइक  की बरामदगी पुलिस नहीं कर पाती। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि चोरी होने वाली बाइक को उनके लड़के चलाकर पीलीभीत पहुंचा देते हैं। कुछ बाइक के हिस्से बेचने के लिए उनके पार्ट काटकर अलग कर दिए जाते हैं, जबकि कुछ कंपनी की बाइक की डिमांड नेपाल में है, इसलिए बाइक को नेपाल भेज दिया जाता है। पुलिस को पूछताछ में नेपाल के सरगना का नाम भी पता चला है, उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। 
विज्ञापन

नवादा शेखान के रोहित उर्फ सोनू को पुलिस ने सबसे पहले चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस ने डोहरा गौटिया के रवि और हरुनगला के सोनू पाठक को पकड़ा। तीनों बदमाशों से पीलीभीत के आरिफ का कनेक्शन सामने आया। आरिफ को पकड़कर पुलिस ने छह बाइक बरामद कीं। यह बाइक नवाबगंज, बिथरीचैनपुर, बारादरी और कोतवाली से चोरी की गई थीं। सोनू की मानें तो पुलिस अगर चार दिन पहले धरपकड़ करती तो बड़ी रिकवरी हो सकती थी, क्योंकि बाइक की एक खेप नेपाल भेजी जा चुकी है। इस मामले में एसपी सिटी अभिनंदन और सीओ तृतीय नीति द्विवेदी ने कोतवाली में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बारादरी थाने के प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र सिंह, दरोगा अली मियां, अब्बास हैदर, पिंकू पवार, मो. उमर को बधाई दी। 


मंडल में हर साल 1.8 करोड़ की बाइक हो जाती हैं चोरी 
बरेली। चौंकाने वाला तथ्य है, लेकिन यही हकीकत है कि मंडल से हर साल 1.8 करोड़ की बाइक चोरी हो जाती हैं, जिसकी तुलना में पुलिस की रिकवरी बहुत कम है। सबसे अहम यह है कि अमूमन 50 हजार से एक लाख रुपये कीमत वाली बाइक चोरी के मामलों को पुलिस भी हल्के में लेती है। थाने में एफआईआर दर्ज करके मामला एफआर लगाने तक ही सीमित रह जाता है। 
विज्ञापन

बरेली जनपद में बीते साल 721 मामले वाहन चोरी के सामने आए। चूंकि ऐसे मामलों को पुलिस थाने से बिना लिखा पढ़त के भी रफादफा करती है, ऐसे में यह चोरी का आंकड़ा दोगुना होने का अनुमान है। अगर पुलिस आंकड़े के हिसाब से ही सीधा हिसाब करें और चोरी होने वाली बाइक की औसत कीमत 25 हजार मानें तो हर साल 1.8 करोड़ की बाइक चोरी होने की बात सामने आती है। 

हर साल बढ़ती जा रहीं बाइक चोरी की वारदातें 
2015 में मंडल से 986 बाइक चोरी हुईं थीं, जबकि 2016 में 1190 बाइक गायब हो गईं। बीते साल 2017 में 1251 बाइक चोरी की गईं, जिनको पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी। चोरी के आंकड़ों को समझें तो 2016 में बाइक चोरी के मामले करीब 20 प्रतिशत तक बढ़े थे। हालांकि 2017 में बाइक चोरी के आंकड़े 2016 के सापेक्ष पांच प्रतिशत बढ़े। 

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 2017 में चोरी हुईं बाइक 
बरेली           721
बदायूं           269
पीलीभीत       153
शाहजहांपुर     108
(आईजी कार्यालय से मिले चोरी बाइक के आंकड़े)

ऑटो लिफ्टर गिरोह की धरपकड़ के लिए रेंज स्तर पर निर्देश जारी किये हैं। धरपकड़ शुरू भी हो चुकी हैं। एसएसपी को थानों में भी गाड़ियों के चोरी होने के मामले में लिखा पढ़त करके कार्रवाई के लिए कहा गया है। - ध्रुव कांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें